मुजफ्फरनगर। आगामी निर्वाचन की तैयारियों के तहत जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा ने मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अध्यक्षों और सचिवों के साथ मतदेय स्थलों के सम्भाजन (रैशनलाइजेशन) को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप बूथों के पुनर्गठन की प्रक्रिया और समय-सीमा की विस्तार से जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने बताया कि 24 से 28 जून 2026 तक मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निर्धारण तथा नए मतदेय स्थलों के लिए उपयुक्त भवनों का चिन्हांकन किया जा चुका है। इसके बाद 29 जून से 1 जुलाई तक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मतदेय स्थलों की प्रारूप सूची 4 जुलाई 2026 को प्रकाशित की जाएगी तथा इसी दिन सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध भी करा दी जाएगी, ताकि वे निर्धारित अवधि में अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकें।
शिकायतों एवं सुझावों के निस्तारण के बाद सूची को 18 जुलाई तक अंतिम रूप दिया जाएगा, जबकि 25, 27 और 28 जुलाई को प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय भेजे जाएंगे। इसके बाद 31 जुलाई को आयोग के अनुमोदन के लिए अंतिम प्रस्ताव प्रेषित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदेय स्थलों का सम्भाजन 1200 मतदाताओं के आधार पर किया जा रहा है। यदि किसी एक ही भवन में संचालित दो मतदेय स्थलों पर लगभग 500-500 मतदाता हैं और उन्हें मिलाकर संख्या करीब 1000 होती है तो ऐसे बूथों का विलय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी मतदाता पुनरीक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक मतदेय स्थल पर मतदाताओं की संख्या लगभग 1000 से 1050 के बीच रखने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को टेबल-टॉप एक्सरसाइज के माध्यम से ऐसे बूथों की पहचान करने के निर्देश दिए जिन्हें बिना किसी असुविधा के मर्ज किया जा सकता है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बूथ विलय के बाद भवन और गांव का नाम यथावत रहे तथा मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर सूची का परीक्षण करें और यदि किसी भवन, नाम या स्थान को लेकर कोई सुझाव हो तो समय से उपलब्ध कराएं। उन्होंने अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश जारी करने तथा लेखपालों से प्रत्येक मतदेय स्थल का सत्यापन कराकर प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा उपजिलाधिकारी सदर, जानसठ, तहसीलदारों एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
















