मुजफ्फरनगर में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और नागरिकों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में साइबर अपराध के विरुद्ध लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत एक और बड़ी सफलता तब मिली जब थाना साइबर क्राइम की टीम ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार एक व्यक्ति के खाते से निकाले गए 6,92,000 रुपये वापस दिलाने में सफलता प्राप्त की। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्ध के निकट पर्यवेक्षण में की गई।
घटना के अनुसार, पीड़ित व्यक्ति ने थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के माध्यम से उसके बैंक खाते से 6.92 लाख रुपये की धनराशि निकाल ली है। शिकायत प्राप्त होते ही साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज किया। पुलिस ने मु0अ0सं0 29/2025 धारा 318(4), 351, 336(3), 338, 339, 340(2), 61(2), 317(2) बीएनएस एवं 66सी/66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया। साथ ही संबंधित बैंक को तुरंत सूचित करते हुए फ्रॉड से जुड़े खातों को फ्रीज कराया गया ताकि अपराधियों द्वारा धनराशि को आगे ट्रांसफर न किया जा सके।
थाना साइबर क्राइम की टीम ने अथक प्रयास और तकनीकी दक्षता का प्रयोग करते हुए मामले की गहराई से जांच की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई का ही परिणाम रहा कि 29 अक्टूबर 2025 को आवेदक के खाते से धोखाधड़ी कर निकाली गई पूरी राशि 6,92,000 रुपये को सफलतापूर्वक वापस कराया गया। इस कार्रवाई से न केवल पीड़ित को आर्थिक राहत मिली, बल्कि जनपद पुलिस के साइबर अपराध नियंत्रण के प्रयासों पर आम जनता का भरोसा भी और मजबूत हुआ।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन प्रलोभनों, फर्जी लिंक, संदिग्ध कॉल या संदेशों से सावधान रहें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते का विवरण, एटीएम कार्ड नंबर, पिन, ओटीपी या सीवीवी नंबर साझा न करें। यदि किसी के साथ साइबर फ्रॉड या ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटना घटित होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या मुजफ्फरनगर साइबर सेल के 9454401617 नंबर पर संपर्क करें। साथ ही अपने निकटतम थाने में स्थित साइबर हेल्प सेंटर से भी सहायता ली जा सकती है।
मुजफ्फरनगर पुलिस का यह प्रयास साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल युग में आम जनता को जागरूक और सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। पुलिस प्रशासन लगातार जनजागरूकता अभियान चला रहा है ताकि कोई भी व्यक्ति साइबर ठगों के जाल में फंसकर अपनी मेहनत की कमाई से न चूक जाए।















