नेटफ्लिक्स की नई रोमांटिक ड्रामा सीरीज ‘मुसाफिर कैफे’ को इसकी दिल को छू लेने वाली कहानी और प्यार को सादगी से दिखाने के अंदाज के लिए तारीफ मिल रही है। रुचिर अरुण के निर्देशन में बनी यह सीरीज दिव्या प्रकाश दुबे के इसी नाम के बेस्टसेलिंग हिंदी नॉवेल पर आधारित है और शुक्रवार को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई। विक्रांत मैसी, वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना जैसे अहम किरदारों वाली यह सीरीज कम बजट में बनाई गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विक्रांत इस कास्ट में सबसे अधिक फीस लेने वाले कलाकार हैं, हालांकि वह अपने बैनर ‘होममेड स्टोरीज’ के तहत इस प्रोजेक्ट के को-प्रोड्यूसर भी हैं। कई रिपोर्ट्स के अनुसार, विक्रांत मैसी को ‘मुसाफिर कैफे’ के लिए लगभग 10 से 15 करोड़ रुपये मिले। चंदर मोहन शर्मा का किरदार निभाने के अलावा, एक्टर ने इस सीरीज के साथ को-प्रोड्यूसर के तौर पर भी डेब्यू किया है।
वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना की फीस
कहा जा रहा है कि सुधा का रोल निभाने वाली वेदिका पिंटो ने 3 से 5 करोड़ रुपये के बीच कमाई की। प्रीति के रोल में नजर आईं महिमा मकवाना को उनकी परफॉर्मेंस के लिए लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये मिले। मार्क का रोल निभाने वाले एक्टर आदिल हुसैन को कथित तौर पर 3 से 4 करोड़ रुपये मिले। वहीं, सपोर्टिंग एक्टर्स राजीव सिद्धार्थ, अनुभा फतेहपुरिया, लवलीन मिश्रा और सादिया सिद्दीकी को उनके रोल के आधार पर 80 लाख से 2 करोड़ रुपये के बीच फीस मिली।
‘मुसाफिर कैफे’ के बारे में
टेरिबली टाइनी टेल्स (TTT) और होममेड स्टोरीज द्वारा प्रोड्यूस की गई ‘मुसाफिर कैफे’ को शरण्या राजगोपाल ने बनाया और लिखा है। कहानी चंदर मोहन शर्मा के बारे में है, जो एक इंजीनियर हैं और अमेरिका में अपना सफल करियर छोड़कर भोपाल लौट आते हैं। परिवार के दबाव में, वह सुधा से मिलते हैं, जो एक इंडिपेंडेंट डिवोर्स लॉयर हैं। सुधा की शादी में कोई दिलचस्पी नहीं है और वह अपने पर्सनल गोल्स को पाने पर ध्यान देती है।
‘मुसाफिर कैफे’ की कहानी
हालांकि, दोनों के बीच एक रिश्ता बनता है, लेकिन जिंदगी एक नया मोड़ लेती है। आखिरकार चंदर मसूरी चला जाता है, जहां वह एक कैफे खोलता है और प्रीति के साथ जिंदगी का एक नया अध्याय शुरू करता है। प्रीति का शांत और कम बोलने वाला स्वभाव सुधा की पर्सनैलिटी से बिल्कुल अलग है। कहानी में दिखाया गया है कि जब चंदर का अतीत अचानक सामने आता है, तो वह प्यार, नुकसान और जिंदगी में मिले दूसरे मौकों को कैसे संभालता है।
दिव्य प्रकाश दुबे की किताब ‘मुसाफिर कैफे’
यह वेब सीरीज दिव्य प्रकाश दुबे के मशहूर नॉवेल ‘मुसाफिर कैफे‘ पर आधारित है। किताब की कहानी के सारांश के मुताबिक, यह कहानी चंदर और सुधा के रोमांस से कहीं आगे की है। यह उन लोगों की उम्मीदों, संघर्षों और इमोशनल सफर को दिखाती है जो अपनी नजर में एक परफेक्ट जिंदगी बनाने की कोशिश करते हुए संतुष्टि की तलाश में हैं।























































