आसिम मुनीर के सेना प्रमुख बनने के बाद पाकिस्तान सऊदी, तुर्की और मिस्र जैसे देशों से अपनी दोस्ती बढ़ा रहा है. सऊदी को तो पाकिस्तान की सरकार ने सुरक्षा के लिए अपने यहां से 8 हजार सैनिक भी भेजे हैं. वहीं, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के हमले से बचाने के लिए तुर्की ने पाकिस्तान को ड्रोन दिए थे. अब पाकिस्तान की इस कूटनीति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है.फाइनेंशियल अखबार के मुताबिक इस सबके पीछे पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर हैं. मुनीर के कहने पर ही पाकिस्तान की सरकार विदेश नीति पर फोकस बढ़ा रही है. मुनीर अपनी कुर्सी को मजबूत करने के लिए विदेश नीति का सहारा ले रहे हैं.
ऐसा क्यों कर रही है पाक सरकार?
1. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. इसके कारण महंगाई का मुद्दा वहां पर हावी है. लोग कर्ज से परेशान हैं. इन मुद्दों का पाकिस्तान की सरकार के पास कोई हल नहीं है. यही वजह है कि पाकिस्तान की सरकार ने विदेश नीति पर फोकस किया है.
2. पाकिस्तान की सरकार को सऊदी अरब से 3 अरब डॉलर की सहायता राशि मिली है. मिस्र और तुर्की से दोस्ती रखने के कारण उसके संबंध अमेरिका से भी सुधरे हैं. पाकिस्तान ने अमेरिका से 10 अरब डॉलर की सहायता मांगी है. पाकिस्तान को तुर्की और मिस्र से भी पैसे मिलने की उम्मीद है.
3. पाकिस्तान के बलूचिस्तान, खैबर और पीओके में इस वक्त हिंसा जारी है. पाकिस्तान की सरकार इस पर से ध्यान भटकाने के लिए विदेश नीति को हथियार बना रही है. सरकार की कोशिश विदेश नीति के जरिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियां बटोरने की है. ताकी, अंदरुनी मसलों पर बात न हो.
आसिम मुनीर ही ले रहे सारे बड़े फैसले
रिपोर्ट में कहा गया है कि आसिम मुनीर ही सारे बड़े फैसले ले रहे हैं. मुनीर के कहने पर पाकिस्तान की सरकार ईरान मामलों में मध्यस्थता में शामिल हुई. मुनीर की कोशिश अमेरिका और चीन दोनों को साधने की है. हालांकि, आंतरिक संघर्ष के कारण पाकिस्तान में सेना की स्थिति ठीक नहीं है.विपक्ष भी इस वक्त सेना के विरोध में हैं. एक तरफ जहां विरोध का बड़ा चेहरा इमरान खान जेल में बंद हैं. वहीं दूसरी तरफ पूर्व गृह मंत्री फजल उर रहमान ने सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. हाल ही में फजल उर ने एक बयान में कहा कि सेना के लोग पैसे के लिए मरते हैं.























































