मुजफ्फरनगर। खतौली कोतवाली क्षेत्र में एक मामूली सा विवाद उस समय खूनी घटना में बदल गया जब साइड लगने को लेकर हुए झगड़े में एक दिव्यांग ई-रिक्शा चालक ने अपने साथी के साथ मिलकर नगरपालिका कर्मचारी पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल कर्मचारी की मेरठ के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, खतौली नगरपालिका में लिपिक के पद पर कार्यरत 32 वर्षीय चंकी गुरुवार को अपनी ड्यूटी समाप्त कर बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह नगरपालिका गेट के बाहर पहुंचे, उनकी बाइक की साइड वहां खड़े एक ई-रिक्शा से लग गई। इस मामूली घटना को लेकर ई-रिक्शा चालक पिंकेश, जो दिव्यांग बताया जा रहा है, और उसके साथी अंकित निवासी जानसठ का चंकी से विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया और गुस्से में आकर पिंकेश ने अपनी बैसाखी से चंकी के सिर पर जोरदार हमला कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद जब दोनों आरोपी मौके से भागने लगे तो एक राहगीर ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट कर दी और फरार हो गए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल चंकी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया। गुरुवार देर रात इलाज के दौरान चंकी की मौत हो गई। इस घटना से परिजनों और नगरपालिका कर्मचारियों में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश भी देखने को मिला। मामले की जानकारी देते हुए एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि यह पूरी घटना रोड रेज का नतीजा है और आरोपियों व मृतक के बीच कोई पुरानी रंजिश नहीं थी। पहले मामला मारपीट की धाराओं में दर्ज किया गया था, लेकिन मौत के बाद इसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (हत्या) में परिवर्तित कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।























































