मुरादाबादः मेमू में बदली मुरादाबाद-बरेली पैसेंजर ट्रेन, आठ से चलेगी

मुरादाबाद। रेलवे ने (04366-65) मुरादाबाद-बरेली-मुरादाबाद पैसेंजर ट्रेन को मेमू में बदल दिया है। इस ट्रेन का संचालन अब डीजल से नहीं बिजली से किया जाएगा। साथ ही नौ कोच के साथ 12 बोगियां होंगी।

आठ अप्रैल से मुरादाबाद से व नौ अप्रैल से बरेली से इस ट्रेन का मेमू के रूप में संचालन शुरू हो जाएगा। इससे रेलवे को हर दिन एक लाख 20 हजार व हर माह करीब 36 लाख रुपये की बचत होगी।

विभागीय जानकारों के मुताबिक डीजल से ट्रेन संचालन पर हर किलोमीटर पर छह से आठ लीटर की खपत होती है। जबकि बिजली से ट्रेन चलाने पर 10 से 14 यूनिट प्रति किलोमीटर की खपत होती है। डीजल की अपेक्षा रेलवे को बिजली काफी कम दाम में उपलब्ध हो जाती है। मुरादाबाद से चंदौसी होते हुए बरेली तक की दूरी 112 किलोमीटर है। डीजल की कीमत 88 रुपये प्रति लीटर है। इसके अनुसार यदि सात लीटर डीजल की खपत प्रति किलोमीटर मानकर जोड़ा जाए तो ईंधन पर खर्च 68992 रुपये होता है। ईंधन पर इतना ही खर्च बरेली से मुरादाबाद लौटने में होगा। इसके स्थान पर बिजली से संचालन में औसतन 12 यूनिट बिजली की खपत प्रति किलोमीटर होगी। इसके अनुसार मुरादाबाद से बरैली तक जाने में 1344 यूनिट खर्च होंगे। इसकी कीमत 7400 रुपये होती है। इस तरह बरैली से मुरादाबाद वापसी में ट्रेन 7400 रुपये की बिजली ही खर्च करेगी। जबकि इससे कई गुना ज्यादा राशि अनारक्षित टिकटों से रेलवे को मिल जाएगी। मेमू के संचालन से मुरादाबाद से बरेली व बरेली से वापस लौटने में इंजन की दिशा नहीं बदलनी पड़ेगी। इससे समय की भी बचत होगी। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि बिजली से ट्रेन संंचालन करके मुरादाबाद मंडल ईंधन खर्च में कमी ला रहा है।

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