‘नेम प्लेट’ की जगह ली ‘मोहब्बत की दुकान’

गाजियाबाद में कांग्रेस नेताओं ने एक अनोखी पहल की है, जिसमें उन्होंने ‘मोहब्बत की दुकान’ वाले पोस्टर्स लगाए हैं। यह पहल राज्य सरकार के उस आदेश के संदर्भ में आई है, जिसमें कांवड़ियों के मार्गों पर दुकानदारों को दुकान संचालक के नाम की प्लेट लगाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है।

कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा की पूर्व प्रत्याशी डॉली शर्मा ने गाजियाबाद के विभिन्न इलाकों, जैसे प्रह्लादगढ़ी और वसुंधरा, में दुकानों पर ‘मोहब्बत की दुकान’ के पोस्टर्स लगाए हैं। उनका कहना है कि राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान इन दिनों देश की जरूरत बन गई है, और इस पहल का मकसद भाईचारा और एकता को बढ़ावा देना है। डॉली शर्मा ने इलाके की नाई की दुकान, परचून की दुकान, रेहड़ी पटरी, चाट की दुकान आदि पर यह पोस्टर चिपकाए हैं।

कांग्रेस नेताओं का मानना है कि देश में इस समय सबसे ज्यादा जरूरत भाईचारे और एकता की है, और इस तरह की पहल से लोगों के बीच आपसी प्रेम और सद्भावना को बढ़ावा मिलेगा।

कांवड़ियों पर हो रही राजनीति

डॉली के साथ इस दौरान गाजियाबाद कांग्रेस के अध्यक्ष विजय चौधरी, महिला महानगर कांग्रेस सोनल नागर, किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक अमित शर्मा जैसे कई नेता मौजूद रहे. डॉली ने राहुल गांधी की राजनीति पर चर्चा करते हुए बताया कि कांवड़ यात्रा के रास्तों पर दुकानदारों को नाम लिखने वाली जो राजनीति हो रही है उसमें मोहब्बत की दुकान बहुत जरूरी हो गई है. उन्होंने दुकानों का हौसला बढ़ाया और सामाजिक प्रेम का संदेश दिया.

डॉली दे रही ये संदेश

बता दें कि पिछले दिनों यूपी में राज्य सरकार की ओर से आदेश जारी किया गया था. इस आदेश में कहा गया था कि कांवड़ियों के रास्ते पर सभी दुकानदारों को अपने नाम की नेम प्लेट लगानी होगी. इसका विपक्ष ने पुरजोर विरोध किया था. विपक्ष ने कहा था कि यह हिंदू और मुसलमानों को बांटने वाली राजनीति है. अब डॉली शर्मा पूरे क्षेत्र में हर भाषा, हर रंग, हर धर्म, हर जाति के एक होने का संदेश दे रही हैं.

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