दारुल उलूम देवबंद के वरिष्ठ इस्लामी विद्वान मौलाना अरशद मदनी ने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों देश एटमी ताकत से लैस हैं और यदि जंग होती है, तो इससे केवल तबाही ही आएगी। मौलाना मदनी ने जोर देकर कहा कि जंग किसी मसले का हल नहीं होती, बल्कि यह मानवता के लिए विनाश का रास्ता है। उन्होंने नेताओं से अपील की कि वे आपसी बातचीत और समझदारी से विवादों को सुलझाएं, ताकि दक्षिण एशिया में शांति और स्थायित्व कायम हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों की जनता शांति चाहती है, न कि युद्ध। ऐसे में राजनेताओं और मीडिया की जिम्मेदारी है कि वे भड़काऊ बयानों और भावनाओं को हवा देने के बजाय सद्भाव बढ़ाने की दिशा में काम करें। मौलाना मदनी ने इतिहास का हवाला देते हुए बताया कि पहले भी युद्धों से कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है, बल्कि नुकसान दोनों तरफ हुआ है। उन्होंने दुनिया के अन्य देशों से भी अपील की कि वे मध्यस्थता कर इस क्षेत्र को युद्ध से बचाएं और मानवता की रक्षा करें।















