मुज़फ्फरनगर। मंसूरपुर पुलिस ने वाहन चोरी के लगातार बढ़ते मामलों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र में राहत की लहर दौड़ गई है, क्योंकि लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर और आसपास के जिलों में गाड़ियों की चोरी की घटनाएं बढ़ रही थीं। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने चोरी की छह कारें, एक कटी हुई कार की बॉडी, अवैध असलाह और चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं। इससे साफ हो गया है कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर कार चोरी और उन्हें स्क्रैप में बदलने का काम कर रहा था।एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम मुसाहिद, आशिफ, अनस और आजम हैं। इनमें से मुसाहिद और आशिफ सुजडू गांव के रहने वाले हैं, जबकि अनस और आजम खालापार के निवासी हैं। चारों आरोपी पेशेवर अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि शाहपुर कट के पास संदिग्ध गतिविधियों के दौरान इन लोगों को पकड़ा गया था। तलाशी लेने पर चोरी की गाड़ियों और उपकरणों का खुलासा हुआ, जिसके बाद इन्हें गिरफ्तार कर थाने लाया गया।पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध कबूल करते हुए बताया कि वे दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव जैसे बड़े शहरों से महंगी कारें चोरी करते थे। चोरी की गाड़ियों को ये लोग उत्तराखंड ले जाकर स्क्रैप डीलरों को बेच देते थे। वहां गाड़ियों को काटकर अलग-अलग हिस्सों में बदल दिया जाता था,
जिससे पुलिस और असली मालिक तक उनका कोई सुराग नहीं पहुंच पाता था। इस तरह गिरोह लंबे समय से कार चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।एसपी सिटी ने बताया कि गिरोह के दो सदस्य, मुसाहिद और आजम, पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं। यह लोग जेल से बाहर आने के बाद दोबारा इस अवैध धंधे में सक्रिय हो गए थे और अपने नेटवर्क का विस्तार कर लिया था। पुलिस अब इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई कर रही है, ताकि इनकी जमानत और भविष्य की आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह बहुत संगठित तरीके से काम करता था। इनके पास चोरी के लिए खास उपकरण मौजूद थे, जिनसे ये गाड़ियों के ताले और सुरक्षा सिस्टम को चंद मिनटों में तोड़ देते थे। गाड़ी चोरी के बाद इन्हें सुरक्षित जगह तक पहुंचाने और फिर स्क्रैप में बदलने तक का पूरा नेटवर्क इनके पास था। पुलिस को शक है कि इनके और भी साथी दिल्ली और उत्तराखंड में सक्रिय हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।गिरफ्तारी के बाद क्षेत्रवासियों ने पुलिस की सराहना की है। लोगों का कहना है कि इस गिरोह के कारण वाहन मालिक हमेशा भय में रहते थे और चोरी की घटनाओं से परेशान थे। अब पुलिस की कार्रवाई से उन्हें राहत मिली है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे भी वाहन चोरी रोकने के लिए सतर्क रहें, संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को दें और अपने वाहनों की सुरक्षा के लिए आधुनिक लॉक सिस्टम और जीपीएस जैसी तकनीक का इस्तेमाल करें।मंसूरपुर पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह न सिर्फ चोरी की वारदातों को रोकने में मददगार साबित होगी, बल्कि अन्य अपराधियों को भी कड़ा संदेश देगी कि कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं है। पुलिस का कहना है कि जब तक गिरोह के सभी सदस्य गिरफ्तार नहीं हो जाते, तब तक अभियान जारी रहेगा।
















