गर्मियों का मौसम पौधों के लिए काफी सवेंदनशील होता है. इस मौसम में तेज धूप और गर्मी की वजह से पौधे सूखने लगते हैं. ऐसे में उन्हें सही पोषण देना बेहद जरूरी हो जाता है. कई लोग पौधों को फिर से हरा-भरा बनाने के लिए बाजार ले महंगी खाद का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन जरूरी नहीं कि पौधों में जान डालने के लिए पैसे ही खर्च पड़ने. आप तरबूज के छिलके से भी पौधो को फिर से हरा-भरा कर सकते हैं. जी हां, तरबूज के छिलके भी पौधों के लिए किसी प्राकृतिक खजाने से कम नहीं हैं.अक्सर लोग तरबूज खाने के बाद उसके छिलकों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, जबकि इन्हीं छिलकों से ऐसी ऑर्गेनिक खाद तैयार की जा सकती है जो पौधों को लंबे समय तक पोषण देती है. चलिए इस आर्टिकल में आपको भी बताते हैं कि कैसे आप तरबूज के छिलके से खाद बना सकते हैं और पौधों को फिर से फल-फूल देने लायक बना सकते हैं.
तरबूज के छिलके की खाद
तरबूज के छिलके पौधों के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं. इनमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो प्लांट को हेल्दी बनाने में मदद करते हैं. न्यूट्रिशन की बात करें तो इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद करते हैं. यह खाद पौधों की जड़ों को मजबूत बनाती है और गर्मी में मिट्टी की नमी बनाए रखने में भी सहायक होती है. खास बात यह है कि यह पूरी तरह प्राकृतिक होती है, इसलिए इससे पौधों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता.
कैसे बनाएं तरबूज के छिलके की खाद
सबसे पहले तरबूज के छिलके को नॉर्मल पानी में डालकर अच्छे से उसे साफ कर दें. ताकि छिलके की सारी मिठास निकल जाए. छिलके में लगा लाल वाला हिस्सा भी अच्छे से साफ कर देना है. अब इन छिलकों को पानी में डालकर 2 से 3 दिन के लिए ऐसी ही छोड़ दें. लेकिन ध्यान रहे कि जिस बाल्टी में छिलके रखे हैं उसे अंधेरी जगह पर रखें और किसी ढक्कन से ढ़क दें.
कैसे करें छिलके से बनी खाद का यूज
3 दिन के बाद जब छिलके अच्छे से फर्टिलाइज हो जाएं तब इन्हें छान लें. अब जितना छिलके का पानी लिया है उससे 1.5 रेशियो नॉर्मल पानी लेना है और दोनों को अच्छे से मिक्स कर लेना है. अब इस पानी को स्प्रे बोतल में भरकर या फिर किसी जग की मदद से आप इसे उन प्लांट्स में डालें जिनकी पत्तियां जल गई हैं या पौधा पूरी तरह सूख गया है. इससे मिट्टी को ठंडक मिलेगी, रूट्स को रिलीफ मिलेगा और रिकवरी सपोर्ट भी मिलेगा. इससे नई पत्तियां आने लगेंगी और पौधा हरा-भरा हो जाएगा.























































