मुजफ्फरनगर में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जिला प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम—जिसमें जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, विद्युत विभाग, जिला उद्योग केंद्र एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शामिल थे जनपद के सुजडू क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित स्लैग क्रशिंग यूनिटों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मानकों के विपरीत कार्य करते पाई गई कुल छह इकाइयों को सील करते हुए उनकी विद्युत आपूर्ति तत्काल प्रभाव से काट दी गई।
संयुक्त समिति द्वारा जिन इकाइयों पर कार्रवाई की गई, उनमें आदिल ट्रेडर्स, अरिहंत रोड सुजडू; फिरोज पुत्र मुश्ताक, अरिहंत रोड; शकील अहमद पुत्र मुश्ताक, अरिहंत रोड; जीएस ट्रेडर्स, संधावली रोड निकट अंडरपास; भारत ट्रेडर्स, संधावली रोड निकट अंडरपास; तथा बसी मैन्यूफैक्चरर, संधावली रोड निकट अंडरपास सुजडू शामिल हैं। टीम को मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर इन इकाइयों को प्रदूषण मानकों की गंभीर अनदेखी एवं आवश्यक लाइसेंस व पर्यावरणीय अनुमतियों के बिना संचालन करते पाया गया, जिसके बाद तत्काल सीलिंग और विद्युत विच्छेदन की कार्यवाही की गई।
क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इन दिनों ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) प्रभावी है, जिसके तहत प्रदूषणकारी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें लगातार क्षेत्रीय भ्रमण कर रही हैं, ताकि वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। हॉट स्पॉट क्षेत्रों में एन्टी स्मॉग गन का निरंतर प्रयोग किया जा रहा है, साथ ही सड़कों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पानी के टैंकरों से नियमित छिड़काव भी कराया जा रहा है।
अधिकारी ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी उद्योग अपने-अपने प्रदूषण नियंत्रण संयंत्रों का सतत संचालन सुनिश्चित करें तथा केवल अनुमन्य ईंधन का ही उपयोग करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर विभाग द्वारा कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता से अपील करते हुए क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा कि लोग किसी भी परिस्थिति में कूड़ा या सॉलिड वेस्ट न जलाएं, क्योंकि इससे वायु प्रदूषण की स्थिति और गंभीर हो जाती है। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा जारी सिटीजन चार्टर का पालन करना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। वायु गुणवत्ता में सुधार हेतु प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग आवश्यक है और जनभागीदारी से ही प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास सफल हो पाएंगे।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर एक सख्त लेकिन आवश्यक कदम माना जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण के तहत भविष्य में भी ऐसी संयुक्त कार्यवाहियां होने की संभावना है, ताकि वायु गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके और पर्यावरणीय नियमों को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।















