मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने शहर में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्राधिकरण के जोन-1 क्षेत्र में करीब 59,000 वर्ग मीटर यानी लगभग 86 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई सहारनपुर मंडल के मंडलायुक्त की प्रेरणा और प्राधिकरण की उपाध्यक्ष प्रणता एश्वर्या के निर्देशों के तहत की गई।
जानकारी के अनुसार, न्यू मंडी क्षेत्र के जानसठ रोड पर मेट्रो कुर्सी गोदाम के पास लगभग 9,000 वर्ग मीटर भूमि पर रघुराज लाला द्वारा बिना अनुमति अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। वहीं, मेरठ बाईपास रोड स्थित शेरनगर क्षेत्र में सतीश कुमार, आसू, संजय उर्फ नीतू और चीकू द्वारा करीब 50,000 वर्ग मीटर भूमि पर अनाधिकृत कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इन सभी मामलों में प्राधिकरण से नक्शा या लेआउट प्लान की कोई स्वीकृति नहीं ली गई थी।प्राधिकरण ने इन अवैध निर्माणों के खिलाफ पहले ही नोटिस जारी कर दिए थे और चालानी कार्रवाई भी की गई थी। इसके बावजूद भू-स्वामियों द्वारा निर्माण कार्य बंद नहीं किया गया और न ही अवैध प्लॉटिंग हटाई गई। लगातार चेतावनी के बाद भी नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर अंततः प्राधिकरण को सख्त कदम उठाना पड़ा।
ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के सहायक अभियंता, अवर अभियंता और पूरी टीम मौके पर मौजूद रही। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित थाने की पुलिस फोर्स भी तैनात की गई थी। भारी मशीनों की मदद से अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया और कॉलोनियों को पूरी तरह खत्म कर दिया गया।विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी भूमि को खरीदने से पहले उसकी वैधता और प्राधिकरण से स्वीकृति की जांच जरूर करें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।























































