बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को सदन का नजारा बदला-बदला नजर आया। अमूमन विपक्ष के हमलों का सामना करने वाली नीतीश सरकार को उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब सत्ता पक्ष (भाजपा) के ही विधायक अपनी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे।पूर्व मंत्री जिवेश मिश्रा ने गृह विभाग के अफसरों को घेरा, तो वहीं युवा विधायक मैथिली ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्री के लिखित जवाब को ही चुनौती दे डाली।
अफसरों का लारा-लप्पा खेल नहीं चलेगा: जिवेश मिश्रा
जाले सीट से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री जिवेश कुमार मिश्रा ने गृह विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखा तंज कसा। दरभंगा के सिंहवाड़ा थाना भवन निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि विभाग में केवल ‘लारा-लप्पा’ का खेल चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सालों से फाइलें सिर्फ कागजों पर दौड़ रही हैं, लेकिन जमीन पर निर्माण कार्य का नामोनिशान नहीं है। हालांकि, मामले की गंभीरता देखते हुए डिप्टी सीएम सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
मैथिली ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्री के जवाब पर जताई असहमति
अलीनगर से भाजपा की सबसे युवा विधायक और प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने सदन में अपने क्षेत्र के अस्पताल की बदहाली का मुद्दा प्रमुखता से रखा। जब स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की ओर से लिखित जवाब आया कि अस्पताल का भवन जर्जर नहीं है और सिर्फ मरम्मत की जरूरत है, तो मैथिली ने उसे सिरे से खारिज कर दिया।
सदन में गरमाया एमबीबीएस डॉक्टरों की कमी का मुद्दा
मैथिली ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे उन्हें बचपन से काम करते देख रही हैं, लेकिन धरातल की स्थिति अलग है। उन्होंने सदन को बताया कि जिस अस्पताल में पहले दो एमबीबीएस डॉक्टर हुआ करते थे, वह अब महज एक आयुष चिकित्सक के भरोसे चल रहा है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों के लिए तत्काल एमबीबीएस डॉक्टरों की बहाली की मांग की।















