ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में मोजाम्बिक के झंडे वाले LPG टैंकर दिशा पर हमला हुआ. सबसे ज्यादा डराने वाली बात ये थी कि इस कमर्शियल जहाज पर 28 भारतीय क्रू मेंबर्स तैनात थे. हालांकि, इस बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने तत्काल मोर्चा संभाला और डटकर एक बड़ी राहत की खबर दी. दूतावास ने आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी है कि इस भयंकर हादसे के बावजूद जहाज पर सवार सभी 28 भारतीय क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं.यह घटना शुक्रवार को हुई. इस जहाज पर 28 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे. तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की कि सभी 28 भारतीय सुरक्षित हैं. बताया गया कि भारतीय दूतावास संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है. दूतावास पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. फिलहाल भारतीय चालक दल के सभी सदस्यों के सुरक्षित होने की पुष्टि की गई है.
अमेरिका-ईरान में टकराव बढ़ा
अमेरिकी सेना की मौजूदगी वाले एक उत्तरी इराकी शहर को शुक्रवार को विस्फोटकों से लदे ड्रोन से निशाना बनाया गया, जबकि बहरीन में सायरन बजने की सूचना है. ये घटनाएं अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के खिलाफ लगातार 13वीं रात हमले करने की घोषणा के कुछ घंटों बाद हुईं. पिछले हफ्ते तनाव फिर से बढ़ गया. अमेरिका ने ईरान पर हमले किए, जबकि तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले किए और इलाके में अमेरिक की संपत्तियों और उसके सहयोगियों को निशाना बनाया.होर्मुज दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक अहम मार्ग है और ताजा लड़ाई का केंद्र भी यही है. ईरानी हमलों से यह जलमार्ग बंद हो सकता है, जिससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं और भारी आर्थिक उथल-पुथल मच सकती है.
सऊदी अरब के दो टैंकरों को बनाया निशाना
इस हफ्ते ईरान के सहयोगी हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो टैंकरों को निशाना बनाकर दबाव और बढ़ा दिया है. उन्होंने इलाके से तेल ले जाने वाले एक वैकल्पिक रास्ते को बंद करने की अपनी धमकी को सच कर दिखाया है. युद्ध से ईरान और वैश्विक अर्थव्यवस्था को हुए भारी नुकसान के बावजूद लड़ाई के इस नए दौर का कोई साफ समाधान नहीं दिख रहा है. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि हाल के हफ्तों में हुए हमलों में 55 लोग मारे गए हैं और अन्य 600 से अधिक घायल हुए हैं.अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया और युद्ध के लिए अलग-अलग मकसद बताए, जिनमें तेहरान की सरकार को गिराना और उसके परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना शामिल है, लेकिन यह टकराव होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण की लड़ाई में बदल गया है.
नुकसान को सीमित करने की कोशिश
ईरान को उम्मीद है कि वह वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाकर रियायतें हासिल कर लेगा, जबकि अमेरिका उस नुकसान को सीमित करने की कोशिश कर रहा है. अमेरिका ने ईरान भर में कई जगहों पर हमले किए हैं, तो ईरान ने क्षेत्र के कई देशों को निशाना बनाया है. उत्तरी इराक के सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह इरबिल के ऊपर अमेरिकी सेना ने विस्फोटकों से लदे पांच ड्रोन को रोका और मार गिराया. उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही कोई नुकसान हुआ.























































