मुजफ्फरनगर में बाल दिवस के अवसर पर लायंस क्लब मुजफ्फरनगर कात्यायनी की महिला सदस्यों द्वारा एक आकर्षक और मनमोहक कार्निवल का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आवास विकास कॉलोनी स्थित शकुंतलम मंदिर में आयोजित किया गया, जहां निशुल्क शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों को उत्सव का विशेष आनंद दिलाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान उपस्थित रहीं, जबकि राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। दोनों ही अतिथियों ने बच्चों और आयोजकों का उत्साहवर्धन करते हुए इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर में बच्चों द्वारा हनुमान चालीसा के पाठ और मंत्रोच्चारण से हुई, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा फैल गई। इसके बाद बच्चों के लिए अनेक मनोरंजक और ज्ञानवर्धक खेलों का आयोजन किया गया, जिनमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्निवल का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, टीम भावना और सामाजिक जुड़ाव को बढ़ाना भी था। मुख्य अतिथि डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि ऐसे पवित्र स्थल पर बच्चों को मुफ्त शिक्षा देकर उन्हें सशक्त बनाना समाज की अमूल्य सेवा है। उन्होंने कहा कि ये बच्चे ही भविष्य में देश का नेतृत्व करेंगे और अच्छे नागरिक बनकर समाज का नाम रोशन करेंगे।
इस अवसर पर लायंस क्लब इंटरनेशनल की जीएलटी कोऑर्डिनेटर लायन रीना अग्रवाल ने बताया कि लायंस क्लब मुजफ्फरनगर कात्यायनी और लायंस क्लब उन्नति लगातार समाज सेवा के विभिन्न कार्यों में सक्रिय रहते हैं। त्योहारों को अर्थपूर्ण बनाने और समाज के जरूरतमंद लोगों के बीच खुशियां बांटने का यह सिलसिला वर्षों से जारी है। कार्यक्रम के सफल संचालन में कात्यायनी क्लब की सदस्यों — ममता चौहान, शोभिका गोयल, शैली गोयल, नीरा अग्रवाल, रीता अग्रवाल, नेहा मित्तल, ऋतिका अग्रवाल, ममता अग्रवाल, अर्चना जैन, नेहा गर्ग, वंदना मित्तल, प्रतिभा बंसल, प्रगति गोयल — के साथ-साथ लाइन मनीष बंसल, अमित मित्तल, नितिन गोयल, दिनेश गर्ग, रुचि अग्रवाल और यशिका तायल का विशेष योगदान रहा। इसके अलावा सीए अजय अग्रवाल और अपूर्वा अग्रवाल ने भी आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महिला शक्ति, शिक्षा और समाज सेवा के अनोखे संगम के रूप में आयोजित यह कार्निवल बच्चों के लिए यादगार अनुभव बनकर रहा। इस आयोजन ने न केवल बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि समाज के सामने संवेदनशीलता और सामूहिक प्रयास का एक सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत किया।















