नरैनी/बांदा। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पुकारी स्थित रंज नदी क्षेत्र में खनन कार्य के दौरान एक मजदूर की मौत होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद खनन की वैधता और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से जेसीबी और पोकलैंड मशीनों के माध्यम से खनन एवं लोडिंग का कार्य चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कार्य पंकज सिंह एवं रईस खान के नेतृत्व में कराया जा रहा था। हालांकि खनन वैध था या अवैध, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी नरैनी प्रवीण कुमार ने बताया कि एक मजदूर की मृत्यु हुई है। उनके अनुसार खनन किसान की निजी भूमि में हो रहा था, जबकि यह वैध था या अवैध, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।मृतक की पहचान दिनेश त्रिवेदी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह महोबा जनपद के कबरई क्षेत्र का निवासी था और खदान में चौकीदारी का कार्य करता था। ग्रामीणों का दावा है कि उसकी मौत पोकलैंड मशीन की चपेट में आने से हुई। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद ठेकेदार पक्ष के लोग रात में ही उसे गुप्त रूप से बांदा ले गए। वहीं, कोतवाली प्रभारी भास्कर मिश्रा के अनुसार घायल को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि क्षेत्र में खनन कार्य चल रहा था, तो उसकी निगरानी कौन कर रहा था? क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी थी? यदि थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई, और यदि नहीं थी तो यह उनकी कार्यकुशलता पर गंभीर सवाल है। एक मजदूर की मौत के बाद भी खनिज विभाग और राजस्व प्रशासन की चुप्पी लोगों के आक्रोश को बढ़ा रही है। जनमानस यह जानना चाहता है कि आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी। वहीं खनन की वैधता और घटना के कारणों की अंतिम पुष्टि प्रशासनिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।























































