घर को सुंदर बनाने और ताजी हवा के लिए कई तरह के पौधे लगाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी पसंद के कुछ पौधे मच्छरों को दावत दे सकते हैं? कुछ पौधों की बनावट, उनकी पानी सोखने की क्षमता और घनी पत्तियां मच्छरों के लिए स्वर्ग के समान होती हैं। मच्छरों से बचने के लिए इन पौधों की जानकारी होना जरूरी है।घर में हरियाली और ताजी हवा के लिए पौधे लगाना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन अनजाने में चुनी गई कुछ प्रजातियां आपके घर को मच्छरों का अड्डा बना सकती हैं। कई बार लोग सुंदरता के चक्कर में ऐसे घने या पानी वाले पौधे ले आते हैं, जो मच्छरों के छिपने और अंडे देने के लिए सबसे सुरक्षित जगह बन जाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसमें मनी प्लांट का नाम भी शामिल है।दरअस जो पौधे नमी को सोखते हैं या जिनमें पानी का ठहराव ज्यादा होता है, डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों को आमंत्रित करते हैं। ऐसे में हम आपको उन पौधों की जानकारी दे रहे हैं जिनकी वजह से मच्छरों की संख्या बढ़ सकती है। अगर आप इन पौधों को अपने घर में लगाते हैं तो कुछ उचित देखभाल के साथ कुछ सावधानी भी जरूर बरतनी चाहिए।
लकी बैम्बू को लोग सुख-समृद्धि के लिए घर के अंदर पानी से भरे कांच के बर्तनों में रखते हैं। लेकिन मच्छरों के आने का सबसे बड़ा कारण यही ठहरा हुआ पानी है। अगर बैम्बू के बर्तन का पानी हफ्ते में दो बार न बदला जाए, तो इसमें डेंगू और मलेरिया के मच्छर अंडे दे देते हैं। इसकी घनी जड़ों के बीच मच्छर छिपकर पनपते सकते हैं। अगर आप इसे मिट्टी के बजाय पानी में उगा रहे हैं, तो इस बात का ध्यान रखें।
मनी प्लांट लगभग हर भारतीय घर में पाया जाता है। इसे अक्सर पानी की बोतलों में सजाया जाता है, जो मच्छरों को अट्रैक्ट करने का कारण है। मनी प्लांट की बेलें बहुत घनी होती हैं और यह कम रोशनी वाली जगहों पर भी बढ़ जाता है। अंधेरी और नम जगह मच्छरों को बहुत पसंद होती है। बोतल के अंदर जमा पानी और बेलों के पीछे की नमी मच्छरों को छिपने के लिए सुरक्षित जगह देती हैं।रबर प्लांट अपनी बड़ी और चौड़ी पत्तियों के लिए जाना जाता है। इंडोर प्लांट के रूप में यह बहुत मशहूर पौधा है, लेकिन मच्छरों के मामले में यह खतरनाक हो सकता है। इसकी चौड़ी पत्तियों पर धूल और नमी आसानी से जम जाती है। अगर आप पत्तियों पर पानी का छिड़काव करते हैं और वह पानी पत्तियों के जोड़ों में रुक जाता है। इसकी छायादार घनी बनावट भी मच्छरों को पसंद आती है।
बोनसाई या कोई भी ऐसा पौधा जिसकी बनावट बहुत घनी और झाड़ीनुमा हो, मच्छरों के लिए प्राकृतिक आवास का काम करता है। घने पौधों के निचले हिस्सों तक धूप और हवा नहीं पहुंच पाती, जिससे वहां हमेशा नमी बनी रहती है। मच्छर ठंडी और नम जगहों की तलाश में रहते हैं। ऐसे पौधों के गमलों में अक्सर पानी रुक जाता है, जो मच्छरों के लार्वा को पनपने का मौका देता है।
अगर आपने घर के गार्डन या बालकनी में सजावट के लिए छोटे टब में वॉटर लिली या कमल लगा रखा है, तो यह मच्छरों को अट्रैक्ट करते हैं। दरअसल ठहरा हुआ पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल होता है। पानी वाले पौधों के गमले हमेशा पानी से भरे रहते हैं, जहां मादा मच्छर आसानी से अंडे दे देती हैं। बिना उचित सफाई और वाटर ट्रीटमेंट ना होने पर ये पौधे मच्छरों की संख्या बढ़ा सकते हैं।फर्न के पौधे अपनी कोमल और बहुत घनी पत्तियों के लिए पसंद किए जाते हैं। इन्हें जिंदा रहने के लिए बहुत अधिक नमी और छाया की जरूरत होती है। फर्न को बार-बार पानी के छिड़काव की जरूरत होती है, जिससे इसके आसपास का वातावरण हमेशा गीला रहता है। इसकी पत्तियों का गुच्छा इतना घना होता है कि मच्छर आसानी से इसके अंदर घुसकर छिप जाते हैं और छिड़काव के बाद भी बाहर नहीं निकलते।















