मुजफ्फरनगर। थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी, शातिर हिस्ट्रीशीटर और अपहरण के मामले में वांछित अभियुक्त सतपाल उर्फ सत्तू को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जिसकी बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई। यह कार्रवाई मेरठ जोन और सहारनपुर रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में की गई।
पुलिस के अनुसार थाना सिविल लाइन क्षेत्र से एक नाबालिग युवती के अपहरण की घटना सामने आई थी। पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर थाना सिविल लाइन में संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए 10 टीमों का गठन किया गया था। पुलिस ने एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों, टोल प्लाजा और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से अभियुक्त की तलाश शुरू की थी।
22 और 23 जून की रात पुलिस को सूचना मिली कि अपहरण की घटना में शामिल अभियुक्त ओरा कार के साथ शहर क्षेत्र में घूमता देखा गया है। सूचना पर थाना सिविल लाइन और एसओजी की संयुक्त टीम ने रामपुर तिराहे के आसपास वाहन चेकिंग शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध ओरा कार दिखाई दी, जिसे रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन को तेजी से मोड़कर बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन की ओर भाग निकला। पुलिस ने पीछा किया और घेराबंदी की। रास्ता बंद होने पर अभियुक्त वाहन छोड़कर भागने लगा तथा पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार बदमाश की गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हुआ। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद अभियुक्त लगातार फायरिंग करता रहा। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अभियुक्त के दोनों पैरों में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सतपाल उर्फ सत्तू पुत्र मुन्नू राम निवासी रामदरबार, चंडीगढ़ के रूप में हुई। उसके कब्जे से एक पिस्टल, एक अवैध तमंचा, बड़ी मात्रा में कारतूस, घटना में प्रयुक्त ओरा कार, कूटरचित आधार कार्ड, मोबाइल फोन, नकदी तथा अपहृत युवती की कान की बालियां बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार अभियुक्त मुजफ्फरनगर, चंडीगढ़, सहारनपुर, मेरठ सहित विभिन्न जनपदों और अन्य राज्यों में दर्ज कई आपराधिक मामलों में वांछित था तथा पुलिस कस्टडी से फरार भी चल रहा था। घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना और बेहतर उपचार के निर्देश दिए।
















