चीन में कोरोनावायरस महामारी की शुरुआती जानकारी दुनिया तक पहुंचाने वाली साहसी महिला पत्रकार झांग झान को एक बार फिर चार साल की कैद की सजा सुनाई गई है। झांग झान ने 2020 में वुहान से रिपोर्टिंग कर यह खुलासा किया था कि वायरस तेजी से फैल रहा है और इसके खतरों को दबाया जा रहा है। उनकी रिपोर्टिंग ने चीन की छवि पर गहरा असर डाला और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े हुए। इसी साहसिक कदम की वजह से 2020 में उन्हें चार साल की सजा हुई थी। उस दौरान जेल में रहते हुए उन्हें अमानवीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। खबरों के मुताबिक उन्हें हाथ-पैर बांधकर रखा गया और खाने के लिए जबरन ट्यूब का सहारा लिया गया।
पिछली सजा पूरी होने के बाद झांग झान को रिहा किया गया था, लेकिन उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाती रही। अब फिर से उन्हें हिरासत में लेकर चार साल की नई सजा सुनाई गई है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। झांग झान का अपराध केवल इतना था कि उन्होंने दुनिया को सच दिखाने का साहस किया।
यह मामला चीन की उस सख्त नीतियों को उजागर करता है, जिसमें सरकार से असहमत आवाजों को दबा दिया जाता है। झांग झान की हालत पर गंभीर चिंता जताई जा रही है क्योंकि पिछली कैद के दौरान उनका स्वास्थ्य बिगड़ चुका था। कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने उनकी तुरंत रिहाई की मांग की है और कहा है कि सरकार को पत्रकारों और एक्टिविस्टों को जेल में डालने के बजाय सच्चाई को सामने लाने वालों की सुरक्षा करनी चाहिए। झांग झान आज भी साहस और सच्चाई का प्रतीक बनकर खड़ी हैं।















