मुजफ्फरनगर के कस्बा बुढ़ाना से जमीयत उलमा-ए-हिंद ने पंजाब में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री रवाना की। इस सामग्री की कुल कीमत लगभग दो लाख रुपए बताई जा रही है, जिसमें आटा, चावल, दालें, तेल, चीनी, चाय, बिस्कुट, मसाले, साबुन, सर्फ, माचिस, मोमबत्तियाँ, आलू, प्याज समेत रोजमर्रा की जरूरत का घरेलू सामान शामिल है।
राहत सामग्री को रवाना करने से पहले जमीयत की स्थानीय इकाई ने दुआ का आयोजन किया। मौलाना इमरान हुसैनपुरी ने दुआ कराई और अल्लाह से इल्तिजा की कि यह सहायता बाढ़ पीड़ित परिवारों की तकलीफ़ों को कम करने का जरिया बने। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी मौ. आसिफ कुरैशी और मौ. नवेद फरीदी अपने साथियों के साथ राहत सामग्री लेकर पंजाब के लिए रवाना हुए।
उन्होंने कहा कि इंसानी और ईमानी जिम्मेदारी का तकाजा है कि मुश्किल वक्त में अपने भाइयों और बहनों के साथ खड़े हों। जमीयत उलमा-ए-हिंद की पहचान हमेशा इंसानी खिदमत और मुल्क में भाईचारे को मजबूत करने की रही है।
राहत सामग्री जुटाने में मौ. नवेद फरीदी का योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने न केवल सामान एकत्र करने में बल्कि हर स्तर पर इस अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। जमीयत इकाई के जिम्मेदारों ने बताया कि मौलाना अरशद मदनी की रहनुमाई में जमीयत हमेशा आपदा और संकट की घड़ी में राहत और इंसानी सेवा का फरीज़ा निभाती आई है।
स्थानीय लोगों से भी अपील की गई कि वे बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं। राहत सामग्री रवाना करते समय बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और इस कदम की सराहना करते हुए इसे इंसानियत और गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बताया। मौके पर मौ. नवेद फरीदी, मौ. आसिफ कुरैशी, मौलाना आसिफ इस्लाही, अशरफ कुरैशी, शाहिद कुरैशी, दीन मुहम्मद, परवेज अंसारी आदि मौजूद रहे।















