मुजफ्फरनगर बुढ़ाना में जमीयत उलमा–ए–हिंद की स्थानीय इकाई का नगर अध्यक्ष चुनाव आज पूर्णत: शांतिपूर्ण, पारदर्शी और उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण चुनावी बैठक में संगठन की एकजुटता और अनुशासन का बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला। चुनाव के दौरान सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से हाजी शराफत अली को नगर अध्यक्ष पद के लिए चुना गया। उपस्थित सदस्यों और पदाधिकारियों ने उनके नाम का स्वागत करते हुए कहा कि शराफत अली हमेशा से सामाजिक और सामुदायिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं तथा उनके नेतृत्व में बुढ़ाना इकाई और अधिक मजबूती तथा नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगी।चुनावी प्रक्रिया की निगरानी जिला अध्यक्ष मौलाना मुकर्रम अली क़ासमी ने पर्यवेक्षक के रूप में की। उन्होंने पूरी चुनावी प्रक्रिया का विस्तार से अवलोकन किया और इसे अनुशासन, एकता और परिपक्वता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। मौलाना मुकर्रम अली क़ासमी ने चुनाव परिणाम की घोषणा करते हुए हाजी शराफत अली को नए नगर अध्यक्ष के रूप में अधिकृत किया और संगठन के कार्यों को नए उत्साह के साथ आगे बढ़ाने की सलाह दी। इसके साथ ही नगर उपाध्यक्ष पद के लिए मौलाना हफीउल्लाह मिफ़तही और उप कोषाध्यक्ष पद के लिए डॉ. अब्दुल अजीम के नाम का प्रस्ताव हाफिज राशिद कुरैशी ने रखा, जिसे सभा में मौजूद सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से मंज़ूरी दी।
सभा में इस बार मतदाता S.I.R. (Special Identification Register) का मुद्दा भी प्रमुख रूप से उठाया गया। पदाधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूचियाँ लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार हैं और इनमें किसी भी प्रकार की त्रुटि, कमी या नाम छूटना गंभीर समस्या उत्पन्न करता है। इस मौके पर जमीयत द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान पर मुफ्ती यामीन क़ासमी ने विस्तार से जानकारी देते हुए डेमो भी प्रस्तुत किया। जिला अध्यक्ष मौलाना मुकर्रम अली क़ासमी ने कहा कि संगठन मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने और BLO से संपर्क करने के संबंध में लोगों को जागरूक कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर नागरिक का नाम मतदाता सूची में अवश्य होना चाहिए और इस दिशा में जमीयत हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।कार्यक्रम में वक्ताओं ने जमीयत उलमा–ए–हिंद के गौरवशाली इतिहास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1919 में स्थापित यह संगठन देश के सबसे पुराने और सम्मानित सामाजिक–धार्मिक संगठनों में से एक है। जमीयत ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और महात्मा गांधी, मौलाना हुसैन अहमद मदनी, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद समेत कई राष्ट्रीय नेताओं के साथ मिलकर देश की आज़ादी के लिए कार्य किया। आज़ादी के बाद भी संगठन ने संविधान की रक्षा, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द, शिक्षा, राहत कार्य और कमजोर तबकों के अधिकारों के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।सभा में हाफिज तहसीन ने बीते एक वर्ष की रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना मुकर्रम अली क़ासमी ने और संचालन मुफ्ती फरमान क़ासमी ने किया। इस अवसर पर मौलाना सनव्वर क़ासमी, मौलाना आलिम मिफ़ताही, हाफिज अब्दुल गफ्फार, हाफिज राशिद सहित बड़ी संख्या में सम्मानित सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे।















