बांग्लादेश की राजनीति से एक बेहद बड़ी और दुखद खबर सामने आई है. देश की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रमुख रहीं बेगम खालिदा जिया का निधन हो गया है.
वह 80 साल की थीं. उनका निधन मंगलवार की सुबह ढाका में हुआ. खालिदा जिया लंबे समय से बीमार चल रही थीं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. BNP की ओर से फेसबुक पर जारी बयान के मुताबिक, खालिदा जिया का निधन सुबह करीब 6 बजे, फज्र की नमाज के तुरंत बाद हुआ. पार्टी ने अपने बयान में कहा कि वह उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ कर रही है और देश के लोगों से भी प्रार्थना करने की अपील की गई है. इस खबर के बाद बांग्लादेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई.
अंतिम संस्कार में शामिल होंगे विदेश मंत्री एस जयशंकर
भारत सरकार की ओर से खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर शामिल होंगे. यह जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान जारी कर दी है. बयान में कहा गया है कि डॉ. जयशंकर भारत सरकार और भारत की जनता का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतिम संस्कार में शामिल होंगे. इसके लिए वह 31 दिसंबर 2025 को ढाका जाएंगे. खालिदा जिया के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वह इस खबर से बेहद दुखी हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने खालिदा जिया के परिवार और बांग्लादेश की जनता के प्रति अपनी संवेदनाएं जताईं और कहा कि ईश्वर उनके परिवार को इस दुख को सहने की ताकत दे. (S. Jaishankar Attend Funeral Bangladesh PM Khaleda Zia in Hindi)
ढाका के एवरकेयर अस्पताल में चल रहा था इलाज
खालिदा जिया को 23 नवंबर को ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्हें फेफड़ों में संक्रमण की शिकायत थी. इसके अलावा वह काफी समय से कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं. डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें दिल की बीमारी, डायबिटीज, गठिया, लिवर सिरोसिस और किडनी से जुड़ी परेशानियां थीं. हाल ही में बेहतर इलाज के लिए उन्हें लंदन भी भेजा गया था, लेकिन हालत ज्यादा नहीं संभल सकी.
दुनिया के नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
खालिदा जिया के निधन पर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों के नेताओं ने शोक संदेश जारी किए. सभी ने उन्हें बांग्लादेश की राजनीति की एक मजबूत और अहम नेता बताया. नेताओं ने कहा कि खालिदा जिया ने अपने पूरे जीवन में देश की सेवा की और लोकतंत्र को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई.
नेपाल की सच्ची मित्र थीं खालिदा जिया
नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुषिला कार्की ने भी खालिदा जिया के निधन पर दुख जताया. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वह इस खबर से बेहद दुखी हैं. उन्होंने नेपाल सरकार और वहां की जनता की ओर से खालिदा जिया के परिवार और बांग्लादेश के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की. सुषिला कार्की ने अपने बयान में कहा कि खालिदा जिया अपने पीछे जनसेवा की एक लंबी विरासत छोड़ गई हैं. उन्होंने कहा कि खालिदा जिया का नेतृत्व बांग्लादेश के लोकतांत्रिक सफर का एक अहम हिस्सा रहा है. उन्होंने उन्हें नेपाल की सच्ची मित्र बताया और कहा कि नेपाल और बांग्लादेश के रिश्तों को मजबूत करने में उनका बड़ा योगदान रहा.















