चाहे घर का आंगन हो या बालकनी, हरे-भरे पौधे न केवल घर की खूबसूरती बढ़ाते हैं बल्कि मन को भी सुकून देते हैं। लेकिन अक्सर सही जानकारी न होने की वजह से पौधों की ग्रोथ रुक जाती है या उनकी पत्तियां पीली पड़कर सूखने लगती हैं। गार्डनिंग एक्सपर्ट्स का मानना है कि पौधों की सही देखभाल के लिए महंगे प्रोडक्ट्स की नहीं, बल्कि सही समय पर सही तकनीक की जरूरत होती है।मानसून और बदलते मौसम में पौधों को किस तरह की खाद देनी चाहिए, पानी देने का सही समय क्या है और फंगस से बचाव कैसे करें। गार्डनिंग एक्सपर्ट्स की इन बेहद आसान और असरदार टिप्स की मदद से आप भी अपने बगीचे को हमेशा लहलहाता हुआ रख सकते हैं।
बरसात का पानी है सबसे बेहतरीन टॉनिक
बरसात का पानी मनी प्लांट के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होता। जुलाई-अगस्त के महीनों में पौधे को सीधे बारिश में रखें या फिर बारिश का पानी किसी बर्तन में स्टोर कर लें। साधारण नल के पानी के मुकाबले बारिश के पानी में प्राकृतिक नाइट्रोजन और कई मिनरल्स होते हैं, जो पौधे की जड़ों को मजबूती देते हैं और उसकी ग्रोथ को बहुत तेजी से बढ़ाते हैं। हफ्ते में 2-3 बार गमले में बरसात का पानी थोड़ा-थोड़ा डालते रहें।
सीवीड फर्टिलाइजर का इस्तेमाल
अगर आपके मनी प्लांट की ग्रोथ रुक गई है, तो मिट्टी में 1 चम्मच सीवीड फर्टिलाइजर मिलाएं। सीवीड एक पूरी तरह से जैविक खाद है, जो पौधे की मिट्टी को बहुत उपजाऊ बनाती है। यह मिट्टी में पानी को रोके रखने की क्षमता को बढ़ाती है और जड़ों तक जरूरी पोषण पहुंचाती है। इसके नियमित इस्तेमाल से मनी प्लांट की पत्तियां बड़ी, चमकदार और गहरे हरे रंग की हो जाती हैं।मानसून के मौसम में अक्सर अधिक नमी के कारण गमले की मिट्टी में फंगस, चींटियां या छोटे-छोटे कीड़े लग जाते हैं, जिससे पौधा सूखने लगता है। इससे बचने के लिए गमले में 1 चम्मच नीम खली जरूर डालें। नीम खली पौधे की जड़ों को सड़ने से बचाती है और मिट्टी को हर तरह के इंफेक्शन और फंगस से सुरक्षित रखती है। स्वस्थ जड़े ही पौधे की तेज ग्रोथ का आधार बनती हैं।
रोशनी और शेड का रखें ध्यान
मनी प्लांट को कभी भी कड़क और सीधी धूप में न रखें, इससे उसकी पत्तियां जलने लगती हैं। पौधे को हमेशा ऐसे शेडेड स्थान पर रखें, जहां उसे अच्छी और तेज इनडायरेक्ट रोशनी और ताजी हवा मिलती रहे। सही रोशनी मिलने पर पौधे में क्लोरोफिल अच्छे से बनता है, जिससे पत्तियां हमेशा चमकदार और नई बेलें तेजी से फैलती हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं।























































