बांदा। जनपद में बाल भिक्षावृत्ति, बालश्रम और बाल विवाह जैसे गम्भीर सामाजिक अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से पुलिस व संबंधित विभागों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार, बांदा में मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने की। यह बैठक मानव तस्करी निरोधी इकाई जनपद बांदा के तत्वावधान में संपन्न हुई, जिसमें जनपद के विभिन्न थानों, जीआरपी, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU), बाल कल्याण समिति सहित अन्य संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति रही।
बैठक के दौरान बाल अपराधों की रोकथाम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इसके अंतर्गत बाल सेवा योजनाओं, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, बाल श्रम और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति विद्यार्थियों, शिक्षकों व अभिभावकों को जागरूक किया जाए। इसके लिए पोस्टर, नुक्कड़ नाटक, पब्लिक एनाउंसमेंट और सोशल मीडिया जैसे माध्यमों का उपयोग करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने कहा कि बाल सुरक्षा से संबंधित कार्य केवल एक विभाग का दायित्व नहीं है, बल्कि इसके लिए पुलिस, सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं के आपसी समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने विशेष किशोर पुलिस इकाई और मानव तस्करी निरोधक इकाई को निर्देशित किया कि वे बाल संरक्षण के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावशाली बनाएं और समाज के हर वर्ग को इसमें सहभागी बनाएं।
इस मौके पर किशोर न्याय संरक्षण बोर्ड के सदस्यों ने भी विचार साझा किए और सुझाव दिया कि जागरूकता की शुरुआत विद्यालय स्तर से होनी चाहिए ताकि बच्चों में अपने अधिकारों के प्रति समझ विकसित हो। बैठक का उद्देश्य समन्वित प्रयासों के माध्यम से जनपद को बाल अपराध मुक्त बनाना और बच्चों को एक सुरक्षित व सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना था।















