मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रोहाना का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण स्थल पर मौजूद सुविधाओं, उपयोग में लाई जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता तथा कार्य की गति को बारीकी से परखा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को जल्द से जल्द बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या मानकों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।निरीक्षण के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) रोहाना का भी दौरा किया, जहां उन्होंने ओपीडी व्यवस्था,
दवा वितरण प्रणाली, साफ–सफाई और मरीजों को दी जा रही सेवाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद चिकित्सकों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखते हुए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने साफ–सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया।इसके अलावा डॉ. तेवतिया ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बहेड़ी रोहाना का निरीक्षण कर वहां संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मिल रही सुविधाओं, मरीजों की उपस्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं के लाभार्थियों की संख्या का आंकलन किया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक प्रचार–प्रसार किया जाए, ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके। साथ ही उन्होंने जनजागरूकता अभियान को तेज करने पर भी बल दिया, जिससे लोग समय रहते उपचार ले सकें और गंभीर बीमारियों से बचाव संभव हो।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग की जा रही है। उनका उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक को समय पर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान संबंधित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्हें सेवाओं में निरंतर सुधार लाने के लिए आवश्यक दिशा–निर्देश दिए गए।















