राजस्थान सरकार की अभिनव पहल: विद्यार्थियों के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना

राजस्थान सरकार ने व्यक्तिगत संकट के कारण शिक्षा से वंचित होने वाले बच्चों की सहायता के लिए एक अभिनव पहल की है। सीएसआर के माध्यम से कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा से जोड़ा गया है। इस अप्रत्याशित योजना की शुरुआत उदयपुर में हुई, जिसे वंडर सीमेंट, ज्यूरिख कोटक जनरल इंश्योरेंस, एसबीआई और एसएमई इंश्योरेंस प्रमोशन काउंसिल के सहयोग से लागू किया गया। बुधवार को शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने रेजीडेंसी विद्यालय सभागार में इस योजना का शुभारंभ किया, जहां उन्होंने 21 बच्चों को सांकेतिक रूप से बैंक डायरी और किट वितरित किए।

समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा को लेकर संवेदनशील है और हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि कई बार पारिवारिक हादसों के कारण बच्चों को पढ़ाई छोड़नी पड़ती है, जिससे वे शोषण का शिकार हो सकते हैं। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सीएसआर के माध्यम से यह बीमा योजना शुरू की है, जिसमें तीन बड़ी कंपनियों का सहयोग मिला है।

इस योजना के तहत उदयपुर जिले के कक्षा 1 से 5 तक के 1.35 लाख विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का 1 लाख रुपये का बीमा किया गया है। एसबीआई के वित्तीय समावेशन समूह के जनरल मैनेजर दीपक लिंगवाल ने बताया कि सभी बच्चों के लिए शून्य जमा पर बैंक खाते खोले गए हैं, जिसमें प्रत्येक माह 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने राजस्थान सरकार की अन्य योजनाओं जैसे निशुल्क पुस्तकें, यूनिफॉर्म, मिड-डे मील, दुग्ध योजना, साइकिल व स्कूटी वितरण और लैपटॉप वितरण का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार निराश्रित बच्चों के लिए पालनहार योजना और लाड़ो प्रोत्साहन योजना चला रही है। इस अवसर पर वंडर सीमेंट के हॉल टाइम डायरेक्टर परमानंद पाटीदार ने राज्य सरकार और शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने आईआईएफएल द्वारा स्थापित कंप्यूटर लैब का भी उद्घाटन किया। समारोह में शिक्षा विभाग, एसबीआई, वंडर सीमेंट और ज्यूरिख कोटक के अधिकारी, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

घुमंतू परिवारों के लिए जल्द शुरू होंगे चल विद्यालय

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की कि राजस्थान सरकार घुमंतू परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए जल्द ही चल विद्यालय शुरू करेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर अब तक 21 हजार घुमंतू परिवारों को निःशुल्क भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इन चल विद्यालयों के माध्यम से घुमंतू परिवारों के डेरों में जाकर बच्चों को पढ़ाया जाएगा, ताकि राज्य में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे.

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