फ्रांस और भारत के मजबूत होते रिश्तों में एक नया आयाम स्थापित हुआ है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक अब फ्रांस से गुजरने वाले भारतीय यात्रियों को एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की जरूरत नहीं होगी।बता दें, दो महीने पहले फरवरी में जब फ्रेंच राष्ट्रपति मैक्रों भारत आए थे, तो उनकी यात्रा के दौरान इस पर सहमति बनी थी। इसी यात्रा के दौरान मैक्रों ने भारतीय यात्रियों के लिए यात्रा को आसान बनाने के उपायों की घोषणा की थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारत और फ्रांस संबंधों पर प्रकाश डालते हुए इस मामले पर जानकारी दी। उन्होंने कहा, “फ्रांस की भूमि से केवल हवाई मार्ग से यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों को 10 अप्रैल के बाद से ट्रांजिट वीजा की जरूरत नहीं है। फ्रांस की तरफ से लिया गया यह फैसला दोनों देशों के बीच की साझेदारी को दर्शाता है। इस फैसले से लोगों की आवाजाही आसान होगी और आपसी संबंध मजबूत होंगे।”
क्या होता है एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा?
लंबी दूरी की हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को कई देशों से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में ट्रांजिट वीजा जरूरी होता है। यह वीजा एक अल्पकालिक अनुमति होता है, जिससे यात्री किसी देश के एयरपोर्ट पर रुक सकता है और वहां से अपने अंतिम गंतव्य की तरफ जा सकता है। इस वीजा के आधार पर आप किसी देश में घूम नहीं सकते और न ही रुक सकते हैं। यह केवल एयरपोर्ट तक आपको सीमित रखता है।
अब भारतीयों को फ्रांस में एयरपोर्ट पर रुकने के लिए इस वीजा की जरूरत नहीं है। हालांकि, यदि किसी यात्री को एयरपोर्ट बदलने के लिए इमिग्रेशन से गुजरना हो या लेओवर के दौरान रात रुकना हो, तो उसे शॉर्ट-स्टे वीजा की आवश्यकता होगी।























































