न्यूयॉर्क। अमेरिका ने कहा है कि यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते में भारत बाजी मार ले गया है। ईयू के साथ व्यापार समझौते पर ट्रंप प्रशासन की पहली प्रतिक्रिया में व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि भारत इसमें आगे रहा और इस समझौते से भारत को ज्यादा लाभ होगा।ग्रीर भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए व्यापार समझौते के बारे में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे, जिसे मदर आफ आल डील्स कहा जा रहा है।
ग्रीर ने मंगलवार को ”फॉक्स बिजनेस” को दिए साक्षात्कार में कहा-मैंने अब तक इस सौदे के कुछ विवरण देखे हैं। सच कहूं तो मुझे लगता है कि इसमें भारत को सबसे ज्यादा फायदा होगा।
उसकी यूरोपीय बाजार में पहुंच बढ़ेगी। ऐसा लगता है कि भारत को कुछ अतिरिक्त आव्रजन अधिकार मिले हैं। मुझे पक्का तो नहीं पता, लेकिन यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन ने भारतीय कामगारों के यूरोप में आवागमन के बारे में बात की है। इसलिए मुझे लगता है कि कुल मिलाकर भारत को इससे काफी फायदा होगा। उसके पास कम लागत वाला श्रम है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने कहा कि ऐसा लगता है कि यूरोपीय संघ वैश्वीकरण पर और अधिक जोर दे रहा है, जबकि अमेरिका वैश्वीकरण की कुछ समस्याओं को यहीं अमेरिका में ठीक करने की कोशिश कर रहा है। जब उनसे भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते पर उनकी राय पूछी गई, तो ग्रीर ने कहा कि यह समझना महत्वपूर्ण है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने अनिवार्य रूप से अन्य देशों से अमेरिकी बाजार में प्रवेश के लिए शुल्क लेना शुरू कर दिया है। इसलिए ये देश अपने अतिरिक्त उत्पादन के लिए अन्य रास्ते तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए यूरोपीय संघ भारत की ओर रुख कर रहा है, ताकि उसे कोई स्थान मिल सके। यूरोपीय संघ व्यापार पर इतना निर्भर है कि अगर वह अपना सारा सामान अमेरिका नहीं भेज सकता, तो उसे अन्य विकल्पों की आवश्यकता होगी।















