कार्तिक स्नान मेले में दो चिकित्सा शिविरों का शुभारंभ, श्रद्धालुओं की सेवा के लिए चिकित्सकों को दिए निर्देश

मुजफ्फरनगर। जनपद में चल रहे कार्तिक स्नान मेले के तहत जिला पंचायत के सौजन्य से आज एक विशेष आयोजन किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने मेले के अवसर पर दो चिकित्सा शिविरों का फीता काटकर शुभारंभ किया। यह शिविर श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच और प्राथमिक उपचार के लिए लगाए गए हैं, ताकि मेले में आने वाले भक्तगण को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या का सामना न करना पड़े। डॉ. निर्वाल ने शिविरों के शुभारंभ के बाद वहां उपस्थित चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ श्रद्धालुओं की सेवा करें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज सेवा का अवसर भी है, जिसमें हर व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए।

इसी क्रम में डॉ. वीरपाल निर्वाल ने एक अन्य चिकित्सा शिविर का उद्घाटन कारगिल स्मारक परिसर में किया। यहां भी उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और उपस्थित चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में स्वास्थ्य सेवाओं का सुचारु संचालन जिला प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।शिविरों के शुभारंभ के बाद डॉ. निर्वाल ने गंगा घाट का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घाट पर की गई सफाई व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम, बैरिकेडिंग और जल पुलिस की तैनाती की जानकारी ली। उन्होंने संतोष जताया कि प्रशासन और जिला पंचायत ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त व्यवस्थाएं की हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत से अभियंता कौशल वीर, वीपीडी रूबी सिंह, स्टेनो अक्षय शर्मा, भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ से रामकुमार शर्मा, किसान मोर्चा से ब्रजवीर सिंह और राजकुमार राठी उपस्थित रहे। चिकित्सा विभाग की ओर से चिकित्सा प्रभारी डॉ. अजय कुमार, डॉ. गौड़ और फार्मासिस्ट प्रशांत कुमार सहित कई अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी मौके पर मौजूद रहे।

डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि मेले में श्रद्धालुओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, ऐसे में स्वच्छता, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ प्रबंधन आवश्यक है। उन्होंने जिला पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे पूरे आयोजन के दौरान सक्रिय रहकर व्यवस्थाओं पर नजर रखें। कार्तिक स्नान मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता और सेवा भाव का भी प्रतीक है। इस दौरान जिला पंचायत द्वारा लगाए गए चिकित्सा शिविरों से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलेगी और यह पहल समाज सेवा के क्षेत्र में एक सराहनीय कदम साबित होगी।

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