महाराष्ट्र के विरार के ग्लोबल सिटी में राहुल गांधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ खुलने की खबर चर्चा में है। यह कांग्रेस पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि पिछले 35 सालों में पहली बार विरार वेस्ट में कांग्रेस का झंडा लहराया गया है। इस विशेष अवसर पर महाराष्ट्र कांग्रेस के नए अध्यक्ष हर्षवर्धन सापकाल ने औपचारिक रूप से उद्घाटन किया और इसे कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत बताया।

इस पहल को सफल बनाने का श्रेय सुरेंद्र सिंह (सरदार) और सुहेल खान (पठान) को दिया जा रहा है, जिन्होंने मिलकर कांग्रेस की इस नई शुरुआत को साकार किया। ‘मोहब्बत की दुकान’ के नाम से प्रचारित इस केंद्र का उद्देश्य लोगों के बीच सौहार्द और भाईचारे का संदेश फैलाना है, जो राहुल गांधी की विचारधारा के अनुरूप है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह कदम विरार में पार्टी की पकड़ को मजबूत करेगा और राजनीतिक समीकरणों में बदलाव ला सकता है।

स्थानीय लोगों में भी इस पहल को लेकर उत्सुकता देखी जा रही है। कांग्रेस का दावा है कि यह सिर्फ एक कार्यालय नहीं, बल्कि एक संवाद मंच होगा, जहां आम लोग आकर अपनी समस्याएं रख सकेंगे और पार्टी के एजेंडे को समझ सकेंगे। विरार जैसे क्षेत्र में कांग्रेस की नई शुरुआत से राजनीतिक माहौल गरमाने की संभावना है, क्योंकि यहां दशकों से अन्य दलों का दबदबा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘मोहब्बत की दुकान’ कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से कितनी फायदेमंद साबित होती है।















