राजगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पुराना राजगढ़ से कलेशान गांव के बीच अधूरे सीसी रोड निर्माण कार्य के चलते स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग पर करीब पांच वर्ष पहले सीसी रोड का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, जो पुराना राजगढ़ से कुछ दूरी तक ही किया गया। लेकिन इसके आगे उषाहरा का बास कलेशान तक का मार्ग आज भी कच्चा है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी महेन्द्र उषाहरा सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में इस कच्चे मार्ग पर जलभराव हो जाता है और कीचड़ की मोटी परतें जम जाती हैं, जिससे पैदल चलना तो दूर, वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है। गुरुवार को बिजली विभाग की एक वाहन इसी रास्ते से गुजरते समय कीचड़ में बुरी तरह फंस गई, जिसे दूसरे टैम्पू की सहायता से बाहर निकाला गया। यह स्थिति यहां के निवासियों के लिए आम बात हो गई है, जो प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
गांव के लोगों का कहना है कि जब इस मार्ग पर आंशिक रूप से सीसी रोड बनवाई गई थी, तब उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही पूरा मार्ग पक्का कर दिया जाएगा, लेकिन वर्षों बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और मरीज भी गुजरते हैं। खराब रास्ते के कारण कई बार एंबुलेंस भी समय पर नहीं पहुंच पाती, जिससे गंभीर स्थिति बन जाती है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि पुराना राजगढ़ से कलेशान के बीच अधूरी पड़ी सीसी रोड का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए ताकि लोगों को कीचड़, जलभराव और असुविधा से राहत मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पंचायत और जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे।















