राजगढ़ (अलवर)। कस्बे व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अधिकांश निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए खटारा वाहनों, अधूरे कागजातों वाले टैंपो, ई-रिक्शा व अन्य अनधिकृत साधनों का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। इन असुरक्षित और अनफिट वाहनों से बच्चों की जान को गंभीर खतरा बना हुआ है, लेकिन परिवहन, प्रशासन व शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इन खतरनाक गतिविधियों को देखकर भी मौन साधे हुए हैं, मानो किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हों।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष टहला क्षेत्र में ऐसे ही अनाधिकृत वाहनों के कारण कई दर्दनाक घटनाएं हुई थीं, जिनमें बच्चों की जान तक चली गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई, जिससे विभागीय मिलीभगत की आशंका गहराती जा रही है।
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में निजी बसें व टैंपो नियमों को ताक पर रखकर बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जा रहे हैं। यदि जल्द ही इन वाहनों की जांच कर जब्ती की कार्रवाई नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।















