राजगढ़ उपखंड क्षेत्र के गांव चंदपुरा में रात एक किसान ने अपनी मेहनत की पूरी फसल नदी में फेंक दी। जानकारी के अनुसार, गांव चंदपुरा और पुनखर के बीच स्थित नदी में किसी किसान ने लगभग तीन से चार ट्रॉली प्याज दाम न मिलने के कारण पटक दी। स्थानीय निवासी सुरेश चंद मीना ने बताया कि इस साल प्याज की बंपर पैदावार हुई है, लेकिन बाजार में कोई खरीदार नहीं है। किसानों को अपनी फसल के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे वे गहरी आर्थिक परेशानी में हैं।
सुरेश मीना ने कहा कि एक बीघा खेत में प्याज की खेती पर करीब पचास हजार रुपये का खर्च आता है, लेकिन जब फसल बिकती नहीं तो किसान की लागत भी नहीं निकल पाती। उन्होंने दुख जताया कि किसान दिन-रात मेहनत करता है, फिर भी अपनी उपज को नदी में बहाने के लिए मजबूर हो जाता है। इस स्थिति ने किसानों को मानसिक रूप से तोड़ दिया है, वे अपने दर्द को छिपा नहीं पा रहे हैं।किसानों का कहना है कि मजदूरी और उत्पादन लागत दोनों बढ़ गई हैं, लेकिन मंडियों में प्याज के दाम इतने गिर चुके हैं कि बेचने से भी नुकसान हो रहा है। किसानों ने सरकार से गुहार लगाई है कि प्याज की खरीद के लिए समर्थन मूल्य तय किया जाए या फिर सरकारी स्तर पर खरीद की व्यवस्था की जाए। फिलहाल, प्रशासन या कृषि विभाग की ओर से इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।















