मुजफ्फरनगर में स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सत्येंद्र चौधरी द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्था में रह रहे किशोरों को दी जा रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। विशेष रूप से भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था तथा किशोरों के रहन-सहन से जुड़े पहलुओं की गंभीरता से जांच की गई। डॉ. चौधरी ने रसोईघर का निरीक्षण करते हुए खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और भोजन वितरण प्रक्रिया को परखा तथा संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के क्रम में उन्होंने किशोरों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि संस्था में रह रहे किशोरों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। किशोरों ने भी अपनी बात खुलकर रखते हुए कुछ सुझाव और अनुभव साझा किए, जिन पर सचिव द्वारा सकारात्मक रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त डॉ. चौधरी ने किशोरों से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की फाइलों और पत्रावलियों का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने केस रिकॉर्ड्स की स्थिति, अद्यतन जानकारी और विधिक प्रक्रिया के अनुपालन की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया कि सभी मामलों में नियमानुसार कार्यवाही हो रही है। उन्होंने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी जांच की और जहां कमी पाई गई, वहां तत्काल सुधार के निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान संस्था प्रभारी मोहित कुमार, सहायक अध्यापक राकेश कुमार, प्रदीप कुमार, संजय कुमार एवं सुरजीत कुमार सहित अन्य स्टाफ सदस्य और सुरक्षा बल उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि वे संस्था की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें, ताकि किशोरों के पुनर्वास और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में कोई कमी न रह जाए।















