अलवर में किसान आंदोलन सफल: झील क्षेत्र में ट्यूबवेल न लगाने का मिला आश्वासन, कलेक्टर ने प्रस्ताव भेजा मुख्यमंत्री को

अलवर जिले के मालाखेड़ा क्षेत्र में किसान बचाओ झील बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले पिछले 21 दिनों से चल रहा धरना आखिरकार प्रशासनिक वार्ता के बाद सकारात्मक परिणाम पर पहुंचा। गुरुवार को हजारों की संख्या में किसान, 500 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली के काफिले के साथ मिनी सचिवालय घेराव के लिए रवाना हुए। आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सतर्क रहा। अलवर कलेक्टर आर्तिका शुक्ला, उपखंड अधिकारी यसार्थ शेखर और पुलिस अधिकारियों डॉ. तेजपाल सिंह व डॉ. प्रियंका रघुवंशी की मौजूदगी में समिति के सदस्यों से वार्ता की गई। वार्ता में मुख्य मांग झील क्षेत्र में प्रस्तावित 35 नए ट्यूबवेलों को रोकने की थी, जिसे लेकर कलेक्टर ने प्रस्ताव राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को भेजने का आश्वासन दिया।

किसान प्रतिनिधिमंडल में समिति अध्यक्ष प्रेम पटेल के साथ भवनेंद्र पटेल, निहाल सिंह गुर्जर, स्वराज गुर्जर, राम सिंह गुर्जर, रामजीलाल बैसला, उमरदीन खान, सुरेंद्र भारती, जाकिर खान, रुस्तम खान, भूपत सिंह बालियान और भोलाराम शर्मा सहित कई प्रमुख जन शामिल रहे। सभी ने जिला प्रशासन से विस्तृत वार्ता करते हुए अपनी चिंता व्यक्त की।

इस दौरान अलवर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया। संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने मीडिया का आभार जताते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया ने लगातार 21 दिन तक आंदोलन की आवाज आमजन और सरकार तक पहुंचाई, जिससे इस संघर्ष को सफलता मिली।

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