मुजफ्फरनगर में देशहित और आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा की मौजूदगी में जिलाधिकारी आवास स्थित सभागार में सर्राफा व्यापारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देना, विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को कम करना और सोने के आयात को नियंत्रित करने को लेकर सरकार की मंशा से व्यापारियों को अवगत कराना था। बैठक में राज्य कर विभाग के अधिकारियों सहित सर्राफा एसोसिएशन और बुलियन कारोबार से जुड़े व्यापारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने व्यापारियों को वैश्विक परिस्थितियों, युद्ध जैसे हालात और विदेशी मुद्रा पर पड़ रहे प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशासन की ओर से अपेक्षा जताई गई कि व्यापारी स्वेच्छा से सोने और चांदी की बुलियन यानी ईंट और बिस्कुट की खरीद-बिक्री को हतोत्साहित करें, ताकि देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल सके।
बैठक के दौरान सर्राफा व्यापारियों ने सरकार की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में वे राष्ट्रहित में सरकार के साथ खड़े हैं और हरसंभव सहयोग करेंगे। व्यापारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर अधिकांश ग्राहक पुरानी ज्वेलरी देकर नई ज्वेलरी खरीदते हैं और यहां बड़े स्तर पर बुलियन का कारोबार नहीं होता। सर्राफा एसोसिएशन की ओर से मनोज कुमार ने सुझाव दिया कि सरकार बुलियन बैंक और गोल्ड मोनेटाइजेशन जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाएं शुरू करे, जिससे सोने के आयात पर निर्भरता कम हो सके। साथ ही डिमेट अकाउंट के माध्यम से होने वाली ट्रेडिंग को सीमित करने तथा पूरी तरह बंद करने के बजाय निश्चित सीमा तक बिक्री की अनुमति देने की मांग भी रखी गई, ताकि सर्राफा कारोबार, कारीगरों और मजदूरों की आजीविका प्रभावित न हो। बैठक में सुरेश गोयल, सुनील तायल, राजीव कुमार वर्मा और पवन वर्मा समेत कई व्यापारी मौजूद रहे। अंत में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील के अनुरूप राष्ट्रहित में सहयोग जारी रखने का आह्वान किया।























































