GST अधिकारी पर अवैध वसूली का आरोप, IIA ने जताया कड़ा विरोध,

मुज़फ्फरनगर में GST विभाग के एक अधिकारी द्वारा उद्यमियों और व्यापारियों से अवैध वसूली करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आरोप है कि अधिकारी ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर एक व्यापारी से 50 लाख रुपये की मांग की, साथ ही हर माह 50 हजार रुपये देने का भी दबाव बनाया। उसने विभागीय गोपनीय जानकारी साझा कर व्यापारी को डराने की कोशिश की। अधिकारी के साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था जिसे उसने “भाई” कहकर परिचय दिया। मामला सामने आने पर जब पीड़ित उद्यमी ने IIA (इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन) से संपर्क किया तो संगठन ने इसे संगठित जबरन वसूली करार देते हुए तुरंत सख्त कार्रवाई की घोषणा की।

IIA ने अपने ग्रुप में सभी सदस्यों को सतर्क रहने और किसी भी धमकी की स्थिति में संगठन से तुरंत संपर्क करने की अपील की। इसी सूचना को आधार बनाकर डीसी मनोज कुमार शुक्ला ने IIA चेयरमैन को GST कार्यालय में उपस्थित होने का नोटिस भेज दिया, जिसे IIA ने असंवैधानिक करार दिया। संगठन का आरोप है कि डीसी ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर व्यापारियों की नहीं, बल्कि दोषी अधिकारियों की ढाल बनने का प्रयास किया।

30 जुलाई को IIA के लगभग 50 सदस्य GST कार्यालय पहुँचे और जॉइंट कमिश्नर सिद्धेश दीक्षित से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व राष्ट्रीय महासचिव अश्विनी खंडेलवाल, नीरज केडिया, अशोक अग्रवाल, पवन गोयल, सुशील अग्रवाल, दीपक सिंघल, सुधीर अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे। जॉइंट कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया और IIA चेयरमैन को नोटिस भेजे जाने को अनुचित बताते हुए संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगने की बात कही।

IIA ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक व्यापारी का मामला नहीं बल्कि पूरे उद्योग जगत के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा विषय है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी घटनाएँ दोहराई जाती हैं तो वह कानून का सहारा लेने से पीछे नहीं हटेगा। IIA ने सरकार से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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