बांदा। दहेज की खातिर बहू की हत्या करने वाले पति, सास और ससुर को बांदा सत्र न्यायालय ने 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।यह सजा मिशन शक्ति अभियान के तहत चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत त्वरित विवेचना और प्रभावी पैरवी का नतीजा है।वर्ष 2024 में थाना गिरवां क्षेत्र के ग्राम तरखरी की घटना है। थाना अतर्रा क्षेत्र अंतर्गत रेलवे क्रॉसिंग के पास निवासी हमीदन ने 2 मार्च 24 को थाना गिरवां में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी का विवाह 2018 में तरखरी निवासी हमीद से हुआ था। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर बेटी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
दहेज की मांग पूरी न होने पर 1 मार्च 24 को ससुरालियों ने फांसी लगाकर उसकी हत्या कर दी।थाना गिरवां पर अभियोग पंजीकृत किया गया था।विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी नरैनी अम्बुजा त्रिवेदी द्वारा की गई थी।आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ। लोक अभियोजक सुशील कुमार तिवारी कोर्ट मोहर्रिर दीपक कुमार और पैरोकार प्रदीप सतोइया की प्रभावी पैरवी से कोर्ट ने फैसला सुनाया।हमीद पुत्र राजअली पति, निवासी तरखरी थाना गिरवां व जौहरा पत्नी राजअली सास निवासी तरखरी थाना गिरवां, राजअली पुत्र कल्लू – ससुर, निवासी तरखरी थाना गिरवां तीनों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास और 05-05 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।एसपी पलाश बंसल ने कहा कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मिशन शक्ति के तहत पीड़िताओं को त्वरित न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है।























































