12वीं के बाद मर्चेंट नेवी में ऐसे बनाएं करियर,

मर्चेंट नेवी युवाओं के लिए ऐसा करियर विकल्प है जिसमें समुद्र पर काम करने के साथ अच्छी कमाई और आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं. दुनिया के बड़े हिस्से का व्यापार समुद्री रास्तों से होता है, इसलिए इस क्षेत्र में लगातार प्रशिक्षित लोगों की जरूरत रहती है. 12वीं के बाद छात्र अपनी रुचि के अनुसार डेक, इंजन, इलेक्ट्रिकल या रेटिंग से जुड़े कोर्स कर इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं. मर्चेंट नेवी का मुख्य काम व्यापारिक जहाजों के जरिए सामान और यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना है.इसमें तेल, अनाज, वाहन और दूसरे जरूरी सामान की समुद्री परिवहन व्यवस्था शामिल है. इसे भारतीय नौसेना से अलग समझना जरूरी है. Indian Navy देश की सुरक्षा और रक्षा से जुड़ी है, जबकि मर्चेंट नेवी एक कमर्शियल क्षेत्र है.

कौन-से कोर्स कर सकते हैं?

मर्चेंट नेवी में जाने के लिए सबसे पहले अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार कोर्स चुनना होता है. GP Rating एक एंट्री-लेवल विकल्प है, जिसे 10वीं या 12वीं के बाद किया जा सकता है. इसकी अवधि करीब 6 महीने होती है. इसके बाद डेक या इंजन विभाग में काम शुरू किया जा सकता है.अगर आपकी रुचि जहाज की नेविगेशन और संचालन में है, तो Diploma in Nautical Science या BSc Nautical Science कर सकते हैं. इसके बाद डेक कैडेट के रूप में करियर शुरू होता है और अनुभवजरूरी परीक्षाओं के बाद अधिकारी पदों पर प्रमोशन मिलता है.मशीन और तकनीकी काम पसंद करने वाले छात्र BTech in Marine Engineering कर सकते हैं. यह आमतौर पर 4 साल का कोर्स होता है. इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से पढ़ाई करने वाले उम्मीदवार Electro Technical Officer (ETO) के रूप में भी करियर बना सकते हैं.

कैसे मिलेगी नौकरी और कितनी होगी सैलरी?

कोर्स के साथ मेडिकल फिटनेस और जरूरी समुद्री प्रमाणपत्र पूरे करने होते हैं. इसके बाद मान्यता प्राप्त शिपिंग कंपनियों में आवेदन या प्लेसमेंट के जरिए चयन हो सकता है. शुरुआत में पद और कंपनी के अनुसार करीब 30 हजार से 60 हजार रुपये प्रति माह तक कमाई हो सकती है. अनुभव बढ़ने पर सैलरी 1 से 3 लाख रुपये या उससे अधिक हो सकती है. कैप्टन या चीफ इंजीनियर जैसे वरिष्ठ पदों पर कमाई कई लाख रुपये प्रतिमाह तक पहुंच सकती है.

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