मुजफ्फरनगर जिले में सावन माह के दौरान शुरू हुई कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकलने वाले लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने जानकारी दी कि इस बार स्वास्थ्य विभाग ने अभूतपूर्व तैयारियां की हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।डॉ. तेवतिया ने बताया कि कांवड़ियों की सेवा के लिए जिला अस्पताल में 100 बेड का विशेष वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा, पूरे कांवड़ मार्ग पर 43 हेल्थ कैंप लगाए गए हैं, जो 24 घंटे चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। इन हेल्थ कैंपों में तैनात चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ कांवड़ यात्रियों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाएं देंगे। यात्रा के दौरान भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की आशंका को देखते हुए इस बार 10 अतिरिक्त एंबुलेंस के साथ 12 से 16 बाइक एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं, जो जाम वाली जगहों पर तेजी से पहुंच सकेंगी।सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पर दवाइयों, पट्टियों, ओआरएस घोल, एंटीबायोटिक इंजेक्शन व अन्य जरूरी सामग्री का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया गया है कि मामूली चोट, थकान, डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं के इलाज में कोई कमी न हो। इसके साथ ही सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से मार्ग पर मालिश सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है, जिससे लंबे पैदल सफर के बाद श्रद्धालुओं को आराम मिल सके।स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। डॉ. तेवतिया ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता यह है कि हर कांवड़ यात्री को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिले। प्रशासन की ये तैयारियां इस बात का प्रमाण हैं कि कांवड़ यात्रा को सफल, सुगम और















