एच-1बी वीजा शुल्क वृद्धि: कांग्रेस ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी वीजा आवेदनों पर 100,000 डॉलर का नया शुल्क लगाने के फैसले के बाद भारतीय राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि भारत के पास “कमजोर पीएम” है। उन्होंने अपनी 2017 की पोस्ट को दोहराते हुए लिखा कि एच-1बी वीजा और जम्मू-कश्मीर की रिपोर्टों के आधार पर भारत के नेतृत्व की कमजोरी साफ दिखाई देती है।

कांग्रेस ने कहा कि इस नए फैसले से भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए अमेरिका में नौकरी के अवसर कम हो जाएंगे और अमेरिका से भारत आने वाले विदेशी निवेश और पैसे में भारी कमी आएगी। पार्टी ने इसे देश के आईटी उद्योग और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरे के रूप में बताया। गौरव गोगोई ने पीएम मोदी की “रणनीतिक चुप्पी और जोरदार बयानबाजी” पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह देश और नागरिकों के राष्ट्रीय हित के लिए बोझ बन गई है। उन्होंने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की निर्भीकता का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्तमान में सरकार की कार्रवाई और प्रतिक्रिया काफी कमजोर दिखाई देती है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी केंद्र की विदेश नीति पर हमला बोला और कहा कि अमेरिका के साथ ऐसा व्यवहार पहली बार नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि हमारी विदेश नीति कमजोर क्यों दिखाई दे रही है और भविष्य में ऐसे मामलों के लिए क्या तैयारी है। अखिलेश यादव ने कहा कि भारत अब दूसरे देशों पर निर्भरता बढ़ा रहा है, चाहे खाद्य पदार्थ हों या अन्य संसाधन, और यह स्थिति देश के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट और निर्णायक कार्रवाई की मांग की।

यह फैसला भारतीय आईटी पेशेवरों और उद्योग दोनों के लिए बड़ा झटका है। विशेषज्ञों का कहना है कि एच-1बी वीजा पर अतिरिक्त शुल्क से अमेरिका में भारतीयों की रोजगार संभावनाओं में कमी आएगी और देश के विदेशी निवेश पर नकारात्मक असर पड़ेगा। कांग्रेस और सपा की प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट है कि राजनीतिक दल मोदी सरकार की विदेश नीति और अमेरिका के फैसलों के प्रति उसके रुख पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।

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