मुजफ्फरनगर में 16 जुलाई से 22 जुलाई 2025 तक आयोजित भूजल सप्ताह का समापन जन-जागरूकता की दृढ़ प्रतिज्ञा के साथ हुआ। “जल सुरक्षित तो कल सुरक्षित” की थीम पर आधारित इस सप्ताह के दौरान जिलेभर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य भूजल संरक्षण के प्रति जनमानस को जागरूक करना था।कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं मुख्य विकास अधिकारी कण्डारकर कमलकिशोर देशभूषण के निर्देशन व मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर जिला महिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर एवं कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बुढाना में “खाते हैं कसम, जल बर्बाद नहीं करेंगे हम” के नारे के साथ विद्यार्थियों और चिकित्सा स्टाफ ने जल संरक्षण की शपथ ली। विद्यालय वार्डन के नेतृत्व में छात्राओं ने, जबकि मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका के नेतृत्व में ए.एन.एम. एवं जी.एन.एम. स्टाफ ने भूजल बचाने की प्रतिज्ञा दोहराई।
कार्यक्रम का संचालन और समन्वय डॉ राजीव कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने छात्राओं को वाटर मग वितरित किए और भूजल की वैज्ञानिक समझ से अवगत कराते हुए बताया कि भूजल पृथ्वी की सतह के नीचे चट्टानों और मिट्टी के बीच मौजूद होता है। इसका निर्माण वर्षा, नदियों और झीलों के जल के रिसाव से होता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा भूजल उपभोक्ता है, जहां 87% भूजल का उपयोग कृषि कार्यों में होता है।भूजल का अत्यधिक दोहन, प्रदूषण और वर्षा की कमी इसके स्तर को तेजी से नीचे गिरा रहे हैं। इससे निपटने के लिए जन सहभागिता, सतत उपयोग और संरक्षण आवश्यक है। सप्ताह भर चले इस जागरूकता अभियान में जल शपथ, भूजल संवाद, कार्यशालाएं, क्विज प्रतियोगिता, फ्लायर्स वितरण जैसी गतिविधियां शामिल रहीं।कार्यक्रम में डॉ आभा आत्रेय के नेतृत्व में डॉ भुजवीर, डॉ नवनीत, डॉ सुदेश, डॉ राधा, रीमा रानी, प्रियंका व सबा रानी की सक्रिय भागीदारी रही। साथ ही, शिक्षा विभाग से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार के नेतृत्व में विद्यालय वार्डन रश्मि रानी, शिक्षिका पूनम शर्मा एवं वर्षा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भूजल सप्ताह 2025 जन-जागरूकता का एक सशक्त उदाहरण बनकर समाप्त हुआ।















