मुजफ्फरनगर। पी आर पब्लिक स्कूल, मुजफ्फरनगर में जिला गंगा समिति द्वारा गंगा उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी कण्डारकर कमल किशोर देशभूषण के निर्देशन में आयोजित हुआ। आयोजन का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी के संरक्षण, स्वच्छता और संवर्धन के प्रति आम जनता में जागरूकता फैलाना था। इस अवसर पर जिलेभर से अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और गंगा संरक्षण के जन-आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हुए।गंगा उत्सव के तहत विद्यालय परिसर में गंगा मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दौड़ के दौरान प्रतिभागियों ने “स्वच्छ गंगा, स्वस्थ जीवन” का संदेश दिया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का आह्वान किया। यह मैराथन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी लेकर आई।कार्यक्रम के दौरान चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने गंगा संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर अपनी सृजनात्मकता का प्रदर्शन किया। बच्चों ने अपने रंगों और कल्पनाओं के माध्यम से गंगा के प्रति लोगों की भावनाओं और उसकी सांस्कृतिक महत्ता को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया। आकर्षक चित्रों ने यह संदेश दिया कि स्वच्छ गंगा न केवल जीवन का आधार है, बल्कि हमारी सभ्यता और संस्कृति की आत्मा भी है।आयोजन के समापन पर सभी उपस्थित लोगों—अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और नागरिकों—ने सामूहिक रूप से “गंगा शपथ” ली। इस शपथ के माध्यम से उन्होंने यह संकल्प दोहराया कि वे गंगा नदी की स्वच्छता, संरक्षण और संवर्धन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रभागीय निदेशक (सामाजिक वानिकी प्रभाग) एवं सदस्य सचिव, जिला गंगा समिति के राजीव कुमार का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। डॉ. राजीव कुमार और जिला परियोजना अधिकारी हर्ष कुमार ने आयोजन की व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। विद्यालय प्रबंधक अशोक सिंघल, प्रधानाचार्य अनघ सिंघल तथा शिक्षकों प्रज्ञा, दिव्या, शिखा और शंकर शर्मा ने कार्यक्रम के संचालन और समन्वय में अहम भूमिका निभाई।यह गंगा उत्सव न केवल एक सांस्कृतिक और पर्यावरणीय कार्यक्रम था, बल्कि समाज को यह प्रेरणा देने वाला अवसर भी बना कि गंगा की स्वच्छता और संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब समाज एकजुट होता है, तो हर नदी, हर पर्यावरण और हर जीवन संरक्षित रह सकता है।















