झांसी , चिरगांव में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जी की 60वीं पुण्यस्मृति में आयोजित उत्कर्ष महोत्सव 2024 का उद्घाटन बैंड-बाजे की गड़गड़ाहट और अतिथियों के आगमन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. पीटर पैरापुलिल का स्वागत मां सरस्वती और श्री गणेश के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत रंगारंग स्पेक्ट्रम के रूप में हुई, जिसमें देशभर के सांस्कृतिक संबंधों की झलक दिखाई गई।

स्वागत भाषण में इंजीनियर सौरभ गुप्ता ने कहा कि आज भारत में युवाओं और विद्यार्थियों पर देश की आन-बान-शान निर्भर है, और शिक्षा, संस्कृत और अनुशासन हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा, “अगर कोई फैसला अंतरात्मा से लिया जाए तो वह जीवन बदल सकता है, और इसके लिए खुद पर विश्वास रखना जरूरी है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, उसे केवल मेहनत से पाया जा सकता है।”

कार्यक्रम के दौरान मथुरा की श्री कृष्ण लीला पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया और भक्ति भाव से रंगा हुआ सांस्कृतिक प्रदर्शन हुआ। साथ ही, उत्कर्ष पुरस्कार से सुयोग पटेरिया, कु. स्वस्ति जैन, आर्य गुप्ता और सुभी पाठक को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुयोग पटेरिया और कुमारी चाहत परमार ने किया।
इस अवसर पर चिरगांव थाना प्रभारी निरीक्षक तुलसीराम पांडे और पुलिस बल ने शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की। कार्यक्रम में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त कॉलेज के प्राचार्य डॉ. स्वतंत्र कुमार सोनी, श्रीमती हेंजेल जी, राष्ट्रीय कवि मैथिलीशरण गुप्त पब्लिक स्कूल और विद्यालय परिषद का समस्त स्टाफ भी उपस्थित था, साथ ही बड़ी संख्या में अभिभावक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।















