घरेलू एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार ने LPG उपभोक्ताओं को सब्सिडी की पात्रता को लेकर SMS अलर्ट भेजने शुरू कर दिए हैं.अब टैक्स रिकॉर्ड के माध्यम से तेजी से गैस सब्सिडी की जांच की जा रही है.
सरकार ने यह कदम ईरान वॉर की वजह से होर्मुज संकट के बीच लिया है. जिन लोगों की आय कम है, अब सिर्फ उन्हें ही सिलेंडर पर सब्सिडी मिलेगी. केंद्र सरकार द्वारा भेजा जा रहे मैसेज का मुख्य उद्देश्य फर्जी लोगों को सब्सिडी का फायदा लेने से पूरी तरह से रोकना है और केवल जरूरतमंद लोगों तक सिलेंडर पहुंचाना है.
7 दिनों के अंदर देना होगा जवाब
जानकारी के मुताबितक, LPG उपभोक्ताओं को भेजे जा रहे मैसेज के अनुसार, जिन लोगों की सालाना टैक्सेबल इनकम 10 लाख रुपए से ज्यादा है, उन्हें 7 दिनों के अंदर या तो अपनी पूरी जानकारी देनी होगी या फिर उन्हें सही तरीके से जवाब देना होगा और जो लोग ऐसा नहीं करेंगे उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई भी की जाएगी.इतना ही नहीं केंद्र सरकार द्वारा भेजे जा रहे मैसेज में साफ-साफ शब्दों में लिखा है कि अगर 7 दिनों के अंदर पर्याप्त जवाब नहीं मिलता है तो उनके LPG सब्सिडी को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा.इसके अलावा सरकार ने पहले भी कई बार इस बारे में सख्त चेतावनी दी है कि जिनकी भा सालाना आय 10 लाख रुपये से ज्यादा वे LPG सब्सिडी के पात्र नहीं बन सकते हैं. भेजे जा रहे मैसेज की सख्ती से टेक्निकल रूप से चेकिंग की जा रही है ताकि केवल जिन लोगों को जरूरत हो, उन्हें गैस सब्सिडी का फायदा मिल सकेगा.
लोगों को इन नियमों का रखना होगा खास ध्यान
हांलाकि, कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान PAN से जुड़े टैक्स रिकॉर्ड, आधार से लिंक परिवार की जानकारी और LPG उपभोक्ता डेटाबेस को तेजी से मैच भी किया जा सकता है. इतना ही नहीं, गैस कनेक्शन धारकों के साथ-साथ पूरे परिवार के दूसरे सदस्यों की आय भी जांच के दायरे में जल्द ही आ सकती है.
किन महत्वपूर्ण दस्तावेजों को करना होगा अपडेट?
इस बात पर भी खास ध्यान देना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि जिन भी लोगों को इस प्रकार के नोटिस भेजे जा रहे हैं, उन्हें अपने KYC डॉक्यूमेंट, लिंक रिकॉर्ड को रजिस्टर्ड LPG डिस्ट्रीब्यूटर के अलावा ऑयल मार्केटिंग के आधारिक पोर्टल पर जाकर जितना जल्दी हो सके उतनी जल्दी जांच करानी होगी.























































