आईटी सेक्टर पिछले एक साल से आर्थिक सुस्ती की चपेट में है. इसका बुरा असर नौकरियों पर भी पड़ा है. भारत समेत दुनियाभर में 2 लाख से ज्यादा लोगों की जॉब छिन गई हैं. आईटी सेक्टर में जारी छंटनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने भी अपना अहम रोल निभाया है.हालांकि, देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी ने इस माहौल में भी नौकरी की तलाश में जुटे लोगों को बड़ी राहत दी है. कंपनी ने इस साल लगभग 40 हजार फ्रेशर्स को जॉब देने का प्लान बनाया है.
लगातार चल रहीं टीसीएस में भर्तियां
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने जानकारी दी है कि जून तिमाही में उसने 5452 कर्मचारी जोड़े हैं. इसके साथ ही कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या 606,998 हो गई है. वित्त वर्ष 2024-25 के अंत तक कंपनी लगातार फ्रेशर्स को अपने साथ जोड़ती रहेगी. टीसीएस के अनुसार, इस वित्त वर्ष के अंत तक उसके कुल कर्मचारियों की संख्या लगभग 6.5 लाख हो जाएगी.
फ्रेशर्स को ज्यादा मौके देना चाहती है कंपनी
टीसीएस के मुख्य एचआर अधिकारी मिलिंग लक्कड़ के अनुसार, भारत में टैलेंट कूट-कूट कर भरा हुआ है. यह हमारी सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है. भविष्य में इस टैलेंट से हमें बहुत फायदा होने वाला है. स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम चलकर इन्हें और बेहतर बनाया जा सकता है. इसलिए हम फ्रेशर्स को ज्यादा से ज्यादा मौका देना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि एआई के प्रभाव से निपटने के लिए युवाओं को तैयार करना होगा. टेक्नोलॉजी में आ रहे बदलाव के चलते जॉब मार्केट भी बदल गया है. इससे निपटने के लिए टीसीएस तैयारी कर रही है. हमारे कर्मचारी इंडस्ट्री के हिसाब से खुद को बदलने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं.
कंपनी ने बांटा अच्छा इंक्रीमेंट
उन्होंने बताया कि कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन करने वालों को 10 से 12 फीसदी तक इंक्रीमेंट दिया है. इसके अलावा अन्य लोगों को भी 4.5 से 7 फीसदी तक इंक्रीमेंट दिया गया है. कंपनी ने 4 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को एआई ट्रेनिंग दे दी है. इसके अलावा कंपनी द्वारा चलाए जा रहे अन्य ट्रेनिंग प्रोग्राम का भी कर्मचारियों ने फायदा उठाया है. साथ ही कंपनी के लगभग 70 फीसदी कर्मचारी अब ऑफिस से ही काम कर रहे हैं.















