गाजियाबाद कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और अब उत्तर प्रदेश अपराध प्रदेश बनकर रह गया है। उन्होंने गाजियाबाद स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि बीते आठ वर्षों में अपराधों में लगातार वृद्धि हुई है और अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं रह गया है। शर्मा ने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में से 15 प्रतिशत अपराध अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहे हैं। वहीं, दलितों पर अत्याचार की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं।
जिला अध्यक्ष ने एक महीने के भीतर गाजियाबाद में हुई बड़ी आपराधिक घटनाओं का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने बताया कि इस अवधि में जनपद में 1119 एफआईआर दर्ज हुईं, जिनमें महिला उत्पीड़न की 310, लूट-चोरी और डकैती की 335 और साइबर क्राइम की 125 एफआईआर शामिल हैं। इसके अलावा ज्वेलर्स से लूट की 24 घटनाएं, होटलों में देह व्यापार, हत्या और सामूहिक दुष्कर्म जैसी गंभीर वारदातें भी सामने आईं। मोदी नगर और लोनी में हुई हत्याओं और रेप की घटनाओं ने पूरे जिले को दहला दिया।
सतीश शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में सामाजिक अपराधों का पुनर्जीवन हुआ है, जैसे दलितों की बारात पर हमले और उन्हें घोड़ी पर चढ़ने से रोकना। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जाति और धर्म देखकर अपराधियों की पहचान करते हैं, जिससे प्रदेश में अराजकता का माहौल है। कांग्रेस ने इस स्थिति को शर्मनाक बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। प्रेस वार्ता में कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।























































