रेव पार्टी आयोजित कराने और उसमें सांपों का जहर सप्लाई करने के मामले में यूट्यूबर एल्विश यादव को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह चलाया। इसके तहत अलग-अलग टीमें गठित की गईं और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत देशभर में दर्ज मामलों का अध्ययन किया गया।
नोएडा पुलिस ने पूछताछ के लिए नोटिस भेजने से लेकर एल्विश यादव की गिरफ्तारी तक के लिए हुए ऑपरेशन को चक्रव्यूह नाम दिया था।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी की पटकथा एक सप्ताह पहले ही लिखी गई। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों के अध्ययन के साथ ही एल्विश मामले में एफएसएल रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन किया गया। पुख्ता सबूत जुटाने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एल्विश के करीबियों का दावा है कि पुलिस की ओर से उसे आश्वस्त किया गया था कि पूछताछ के बाद उसे वापस सकुशल भेज दिया जाएगा। ऐसे में वह जब सेक्टर-73 स्थित अपने दोस्त के फार्म हाउस पर आया तो वह अधिवक्ताओं की फौज लेकर नहीं आया। उसके साथ उसके पिता और तीन अन्य साथी थे। फार्म हाउस से जब उसे पुलिस चौकी पर पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा था, तब उसके पिता ने इसका विरोध भी किया था। जिला न्यायालय में वकीलों की हड़ताल के चलते मंगलवार को भी एल्विश यादव की जमानत पर सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने एल्विश यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए बुधवार की तिथि निर्धारित की है। एल्विश पक्ष के अधिवक्ता दीपक भाटी और प्रशांत राठी ने बताया कि एल्विश को साजिश के तहत फंसाया गया है।
पिता, बोले बेटा मशहूर है, इसलिए फंसाया
एल्विश के परिजनों ने कहा कि उनका बेटा निर्दोष है। मशहूर होने के कारण एनजीओ वाले उसके पीछे पड़े हैं। उनके बेटे ने कोई गलत काम नहीं किया है। न ही वह ऐसी पार्टियों में कभी गया है। पिता का दावा है कि एल्विश ने अब तक कुछ भी कबूल नहीं किया है। बेटा गलतफहमी का शिकार हो गया।
हाई सिक्योरिटी सेल में भेजा गया
एल्विश यादव को जेल की क्वारंटाइन सेल से निकालकर हाई सिक्योरिटी सेल में ट्रांसफर कर दिया गया है। रविवार को गिरफ्तारी के बाद उसे क्वारंटाइन बैरक में रखा गया था। जेल सुपरिंटेंडेंट अरुण कुमार सिंह ने बताया कि एल्विश को जेल में बनी अतिसुरक्षित बैरक में रखा गया है। उन्होंने बताया कि उक्त बैरक में पहले से तीन अन्य लोग बंद हैं, जो अन्य जनपदों से ट्रांसफर होकर नोएडा कारागार में आए हैं। जेल के अंदर एल्विश को सामान्य कैदियों की तरह की खाना और नाश्ता उपलब्ध कराया जा रहा है। मंगलवार को भी एल्विश से मिलने जेल में कई लोग पहुंचे।















