वसुधैव कुटुम्बकम से मिशन सुदर्शन चक्र तक: उडुपी में बोले PM मोदी “नया भारत किसी के सामने झुकता नहीं”

कर्नाटक के उडुपी में स्थित ऐतिहासिक श्री कृष्ण मठ ने शुक्रवार को एक बार फिर इतिहास रच दिया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां विशेष दर्शन और कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। परंपरा, आध्यात्मिकता और राष्ट्रीय गौरव से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम में PM मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए भारत की वैश्विक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई अहम संदेश दिए। अपने वक्तव्य में उन्होंने “वसुधैव कुटुम्बकम” की भारतीय भावना से लेकर “मिशन सुदर्शन चक्र” तक, भारत की बदलती शक्ति और नए आत्मविश्वास को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत विश्व को परिवार मानने वाली उस प्राचीन सभ्यता का देश है जिसने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया, बल्कि मानवता और शांति का संदेश फैलाया है। उन्होंने बताया कि आज का भारत न केवल अपनी आध्यात्मिक परंपराओं पर गर्व करता है बल्कि आधुनिक समय की चुनौतियों का सामना मजबूती से करने में भी सक्षम है। इसी क्रम में उन्होंने “मिशन सुदर्शन चक्र” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब सिर्फ आदर्शों पर नहीं, बल्कि अपनी सामरिक क्षमता पर भी दृढ़ता से खड़ा है।

संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि “ये नया भारत है, जो किसी के सामने झुकता नहीं है।” उन्होंने बताया कि देश अब शांति चाहता है, पर आवश्यक होने पर अपने हितों की रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र का प्रयोग करना भी जानता है। यह संदेश वैश्विक मंच पर भारत की बदलती स्थिति और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।

PM मोदी ने उडुपी के संतों और मठ परंपरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा देश को सदियों से प्रेरणा देती आई है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का सार ही मानवता, करुणा और एकता है, और यही भावना आज देश की नीतियों में दिखती है।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी विरासत और मूल्यों पर गर्व करते हुए एक सशक्त, आत्मनिर्भर और सुरक्षित भारत के निर्माण में योगदान दें। उडुपी की यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक महत्व रखती है बल्कि भारत की वैश्विक छवि और राष्ट्रीय संकल्प का भी संदेश देती है।

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