राजस्थान के अलवर शहर में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। मंडी मोड़ स्थित सब्जी मंडी, शिव मंदिर के पास फूड लाइसेंस शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें तेली-पटरी और ठेला लगाने वाले छोटे दुकानदारों को मौके पर ही फूड लाइसेंस जारी किए गए। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य छोटे खाद्य व्यापारियों को राहत प्रदान करना और उन्हें लाइसेंस बनवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से बचाना रहा।
शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय दुकानदार पहुंचे और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर तुरंत फूड लाइसेंस प्राप्त किए। फूड इंस्पेक्टर केशव गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य कारोबार से जुड़े छोटे व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह शिविर आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन व्यापारियों के पास जरूरी कागजात पूरे हैं, उनके लाइसेंस तत्काल तैयार कर दिए जा रहे हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि व्यापारियों में नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
केशव गोयल ने यह भी बताया कि फूड लाइसेंस होना केवल कानूनी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। लाइसेंस प्राप्त दुकानदारों पर खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की जिम्मेदारी होती है, जिससे मिलावटी और असुरक्षित खाद्य सामग्री पर नियंत्रण संभव हो पाता है। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें, ताकि आम जनता को सुरक्षित भोजन मिल सके।
मंडी के प्रवक्ता सौरभ कालरा ने बताया कि मंडी मोड़ सब्जी मंडी में यह शिविर विशेष रूप से स्थानीय व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविरों से छोटे दुकानदारों को सीधा लाभ मिलता है और वे बिना किसी परेशानी के अपने व्यवसाय को वैधानिक रूप से संचालित कर पाते हैं। फूड लाइसेंस मिलने से दुकानदारों की पहचान और विश्वसनीयता बढ़ती है, जिससे ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत होता है।
स्थानीय व्यापारियों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि अगर ऐसे शिविर समय-समय पर लगाए जाएं तो छोटे व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी। कुल मिलाकर, अलवर में आयोजित यह फूड लाइसेंस शिविर खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने, व्यापारियों को सुविधा देने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हुआ है।















